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देवशयनी एकादशी से नहीं होगा कोई भी शुभ कार्य

Sun, 07 Jul 2019 08:09 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2019 08:09 PM IST
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no cultural event will be done from devsainee ekadashi
मथुरा। भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे। 12 जुलाई से सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। देवशयनी एकादशी से कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। देवोत्थान एकादशी के बाद से ही मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे।
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आचार्य श्याम चतुर्वेदी के अनुसार पुराणों में बताया गया है कि देवशयनी एकादशी से लेकर अगले चार महीने के लिए भगवान देवप्रबोधनी तक निद्रा में चले जाते हैं। हिंदू धर्म में देव सो जाने की वजह से कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
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कहा कि वामन पुराण में बताया गया है कि असुरों के राजा बलि ने अपने पराक्रम से तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था। राजा बलि के आधिपत्य को देखकर इंद्र देवता घबराकर भगवान विष्णु के पास मदद मांगने पहुंचे।
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भगवान विष्णु वामन अवतार लेकर राजा बलि से भिक्षा मांगने पहुंच गए। वामन भगवान ने बलि से तीन पग भूमि मांगी। पहले और दूसरे पग में भगवान ने धरती और आकाश को नाप लिया। तीसरा पग रखने के लिए कुछ बचा नहीं तो राजा बलि ने कहा कि तीसरा पग उनके सिर पर रख दें। भगवान विष्णु राजा बलि के दान धर्म से बहुत प्रसन्न थे। उन्होंने राजा बलि से वरदान मांगने को कहा तो बलि उनसे पाताल में उनके साथ बसने का वर मांग लिया। बलि की इच्छापूर्ति के लिए भगवान को उनके साथ पाताल जाना पड़ा।

राजा बलि को दिए वरदान के कारण ही आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी से कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तक पाताल लोक में वास किया। पाताल लोक में उनके रहने की इस अवधि को योगनिद्रा माना जाता है।
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