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न पूरे कंप्यूटर लगे न पंचायत सहायक हो सके हैं तैनात
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कासगंज। शासन ने ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों के भुगतान को प्रधान के घर से किए जाने पर रोक लगा दी है, लेकिन जिला में अभी तक सभी ग्राम पंचायतों में न तो कंप्यूटर ही लग सके हैं और न ही पंचायत सहायक ही नियुक्त हो सके हैं। वहीं, पंचायत भवन भी सभी ग्राम पंचायतों में तैयार नहीं हैं।
सरकार ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने के कार्य में जुटी हुई है। पंचायत भवन का निर्माण कर सचिवालय की तरह काम करने के निर्देश हैं। इसके लिए पंचायत घरों में कंप्यूटर लगाने का कार्य कराया गया है। इसके साथ ही पंचायत सहायकों की तैनाती भी कराई है। अभी तक ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों की कार्ययोजना की फीड़िंग का कार्य जनसेवा केंद्र के माध्यम से किया जाता रहा है। वहीं, ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का भुगतान सचिवों द्वारा प्रधानों के डोंगल से घर बैठकर ही अपने कंप्यूटर से पीएफएमएस के माध्यम से किया जाता है। इस व्यवस्था में सचिवों पर भुगतान को अपने परिचित के खातों में करने, डोंगल को प्रधान को वापस न करने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। शासन ने इस व्यवस्था पर रोक लगा दी है। शासन से पंचायत भवन के कंप्यूटर से ही ग्राम पंचायतों में होने वाले सभी कार्यों को करने के निर्देश दिए हैं। प्रधान और सचिव की मौजूदगी में भुगतान सचिवालय के कंप्यूटर से पंचायत सहायक द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही पंचायतों का रिकार्ड भी पंचायत सहायक के पास रहेगा। जिला में 423 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से अभी 20 ग्राम पंचायतें तो ऐसी हैं जिनमें पंचायत भवन अभी पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हो सके हैं। वहीं, 83 ग्राम पंचायतों में अभी कंप्यूटर नहीं लगे हैं तथा 15 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें पंचायत सहायक नियुक्त नहीं हुए हैं।
आंकड़े की नजर में
ग्राम पंचायतों की संख्या 423
पंचायत भवनों का निर्माण 403
कंप्यूटर लगे पंचायत भवन 360
पंचायत सहायक तैनात 408
जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण अभी नहीं हो सका है उनमें कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द ही सभी पंचायतों में भवन बनकर तैयार हो जाएंगे। कंप्यूटर लगाने का कार्य भी जल्द पूरा हो जाएगा। - देवेंद्र सिंह, डीपीआरओ
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सरकार ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने के कार्य में जुटी हुई है। पंचायत भवन का निर्माण कर सचिवालय की तरह काम करने के निर्देश हैं। इसके लिए पंचायत घरों में कंप्यूटर लगाने का कार्य कराया गया है। इसके साथ ही पंचायत सहायकों की तैनाती भी कराई है। अभी तक ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों की कार्ययोजना की फीड़िंग का कार्य जनसेवा केंद्र के माध्यम से किया जाता रहा है। वहीं, ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का भुगतान सचिवों द्वारा प्रधानों के डोंगल से घर बैठकर ही अपने कंप्यूटर से पीएफएमएस के माध्यम से किया जाता है। इस व्यवस्था में सचिवों पर भुगतान को अपने परिचित के खातों में करने, डोंगल को प्रधान को वापस न करने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। शासन ने इस व्यवस्था पर रोक लगा दी है। शासन से पंचायत भवन के कंप्यूटर से ही ग्राम पंचायतों में होने वाले सभी कार्यों को करने के निर्देश दिए हैं। प्रधान और सचिव की मौजूदगी में भुगतान सचिवालय के कंप्यूटर से पंचायत सहायक द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही पंचायतों का रिकार्ड भी पंचायत सहायक के पास रहेगा। जिला में 423 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से अभी 20 ग्राम पंचायतें तो ऐसी हैं जिनमें पंचायत भवन अभी पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हो सके हैं। वहीं, 83 ग्राम पंचायतों में अभी कंप्यूटर नहीं लगे हैं तथा 15 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें पंचायत सहायक नियुक्त नहीं हुए हैं।
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आंकड़े की नजर में
ग्राम पंचायतों की संख्या 423
पंचायत भवनों का निर्माण 403
कंप्यूटर लगे पंचायत भवन 360
पंचायत सहायक तैनात 408
जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण अभी नहीं हो सका है उनमें कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द ही सभी पंचायतों में भवन बनकर तैयार हो जाएंगे। कंप्यूटर लगाने का कार्य भी जल्द पूरा हो जाएगा। - देवेंद्र सिंह, डीपीआरओ
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