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घर में बना लिया अस्पताल: जांच से लेकर इलाज तक का अवैध धंधा, 22 साल की गर्भवती की ले ली जान; परिजन का हंगामा

Mon, 23 Sep 2024 08:17 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 23 Sep 2024 08:17 PM IST
सार

आगरा में महिला ने लोगों को खुद को नर्स बताकर घर में ही अस्पताल बना लिया। जांच से लेकर इलाज तक का अवैध धंधा करने लगी। इलाज से 22 साल की गर्भवती की जान चली गई। 

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nine-month pregnant woman lost her life due to treatment of quack woman in Agra
बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ताजनगरी आगरा के सदर स्थित महादेव नगर में झोलाछाप महिला के इलाज की वजह से नौ महीने की गर्भवती की जान चली गई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। वह घर में ही इलाज कर रही थी। पुलिस ने उसके घर पर ताला लगा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस का कहना कि तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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गांव कहरई निवासी अजीत ऑटो चालक हैं। पत्नी भारती (22) नौ महीने की गर्भवती थी। अजीत ने बताया कि महादेव नगर में सुमन नामक महिला रहती है। वह खुद को एक अस्पताल की नर्स बताती है। उसने भारती के इलाज की बात कही थी। वह उससे दवा लेने लगे।

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रविवार शाम 6 बजे पत्नी की तबीयत खराब हो गई। इस पर महिला को फोन किया। उन्होंने अपने घर बुलाया। खून की कमी बताई। उनसे एक बोतल खून मंगवाया। भारती को चढ़ा दिया। हालत में सुधार नहीं होने पर चार इंजेक्शन भी लगा दिए। रात 12 बजे उसे घर भेज दिया। मगर, भारती की हालत बिगड़ने लगी। सोमवार सुबह 8 बजे उसके घर ले गए।
 
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महिला एक अस्पताल ले गई। मगर, भारती की हालत खराब थी। चिकित्सक ने बेड नहीं होने की बात कहकर भर्ती नहीं किया। वह दो और हॉस्पिटल में गए। इस बीच में उसकी मौत हो गई। परिजन की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
 
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थाना प्रभारी निरीक्षक सदर का कहना है कि सुमन नामक महिला पर घर में इलाज का आरोप लगाया गया है। उसको हिरासत में लिया है। महिला के पास किसी तरह की कोई डिग्री और डिप्लोमा नहीं है। इसके बावजूद घर में इलाज करती थी। मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। परिजन ने फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी है।

घर में चार बेड, जांच से लेकर इलाज तक

परिजन ने बताया कि महिला ने अपने घर में ही चार बेड लगा रखे हैं। वह बच्चे पैदा होने के लिए दवा देने के साथ ही खून की बोतल भी चढ़ाती है। बड़ी संख्या में महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। वहां किसी चिकित्सक और पंजीकरण का बोर्ड भी नहीं लगा रखा है।
 

बहन का सहारा बनी थी भारती

भारती की शादी को ढाई साल हुए थे। मायका जंगजीत नगर में है। बेटी की मौत से वृद्ध मां नीलम की हालत खराब है। परिवार के लोगों ने उन्हें किसी तरह संभाला। परिजन ने बताया कि भारती बहन रेनू का सहारा बनी हुई थी। उसकी दो बेटियों को भी अपने घर में ही रखती थी। उनको गोद ले रखा था। एक भाई की कई साल पहले मौत हो गई थी।

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