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UP: मोबाइल की लत को छुड़ाएगी किताबों की दोस्ती, परिषदीय स्कूलों में शुरू होगा ये नया अभियान
Thu, 25 Dec 2025 07:29 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 25 Dec 2025 07:29 AM IST
सार
परिषदीय विद्यालयों के साथ माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को मोबाइल की लत से मुक्त करने के लिए किताबों से जोड़ने की पहल शुरू की जाएगी। शिक्षा विभाग से बच्चों किताब संग बचपन अभियान की शुरूआत की जा रही है।
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किताबें पढ़ती युवतियां। संवाद
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विस्तार
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को किताबों से जोड़ने और पढ़ने की आदत विकसित करने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत स्कूलों में पढ़ाई को रोचक, उपयोगी और गतिविधि आधारित बनाने पर जोर दिया जाएगा।
अभियान को अमल में लाने के लिए माध्यमिक /बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षाधिकारियों को पत्र जारीकर दिशा निर्देश दिए हैं। सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 7 जनवरी 2026 से विशेष शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य बच्चों को पुस्तकों की ओर आकर्षित करना, मोबाइल और अन्य स्क्रीन पर निर्भरता कम करना है। विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षा शिक्षण के साथ-साथ समाचार पत्रों, पुस्तकों और रचनात्मक गतिविधियों का नियमित उपयोग करें। समाचार पत्रों के माध्यम से सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर्स, शब्दावली और पाठ्यवस्तु की समझ विकसित कराई जाएगी। इसके अलावा समूह चर्चा, सुडोकू, क्रॉसवर्ड और अन्य बौद्धिक खेलों को भी पढ़ाई का हिस्सा बनाया जाएगा। आकस्मिक सीख (एक्सीडेंटल लर्निंग) को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्कूल पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, मॉर्निंग असेंबली में पठन-पाठन से जुड़े विचार, थॉट ऑफ द डे, ग्रुप डिस्कशन, लाइब्रेरी पीरियड और पेरेंट-टीचर मीटिंग में इस अभियान को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल का शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित ने कहा कि यह अभियान बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
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अभियान को अमल में लाने के लिए माध्यमिक /बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षाधिकारियों को पत्र जारीकर दिशा निर्देश दिए हैं। सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 7 जनवरी 2026 से विशेष शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य बच्चों को पुस्तकों की ओर आकर्षित करना, मोबाइल और अन्य स्क्रीन पर निर्भरता कम करना है। विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षा शिक्षण के साथ-साथ समाचार पत्रों, पुस्तकों और रचनात्मक गतिविधियों का नियमित उपयोग करें। समाचार पत्रों के माध्यम से सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर्स, शब्दावली और पाठ्यवस्तु की समझ विकसित कराई जाएगी। इसके अलावा समूह चर्चा, सुडोकू, क्रॉसवर्ड और अन्य बौद्धिक खेलों को भी पढ़ाई का हिस्सा बनाया जाएगा। आकस्मिक सीख (एक्सीडेंटल लर्निंग) को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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विभाग ने स्कूल पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, मॉर्निंग असेंबली में पठन-पाठन से जुड़े विचार, थॉट ऑफ द डे, ग्रुप डिस्कशन, लाइब्रेरी पीरियड और पेरेंट-टीचर मीटिंग में इस अभियान को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल का शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित ने कहा कि यह अभियान बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
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