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जनसुनवाई में लापरवाही: आठ महीने में 38 अधिकारियों का कटा वेतन, 150 से अधिक को जारी हुए नोटिस
Mon, 10 Nov 2025 09:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 10 Nov 2025 09:18 AM IST
सार
जनसुनवाई में लापरवाही पर 38 अधिकारियों का वेतन कट चुका है। इतना ही नहीं फरवरी से अक्तूबर तक आठ महीने में 150 से अधिक को नोटिस जारी हो चुके हैं।
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डीएम आगरा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में जन शिकायतों को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं। पिछले आठ महीने में 38 अधिकारियों का वेतन कट चुका है। जिनमें तहसीलदार से लेकर अधिशासी अभियंता, चिकित्साधिकारी व अन्य शामिल हैं। फिर भी जनसुनवाई से फरियादी नाखुश हैं। शिकायतों के निस्तारण में गैर जिम्मेदार रवैया बरतने के आरोप लग रहे हैं।
फरवरी से अक्तूबर तक जनसुनवाई की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार 150 से अधिक अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें 100 से अधिक अधिकारियों ने नोटिस के बाद कार्य में सुधार किया। लेकिन, 50 अधिकारी ऐसे रहे जिनका रवैया नहीं बदला।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात चिकित्सक को सबसे ज्यादा नोटिस जारी हुए हैं। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अभियंता भी लापरवाह मिले हैं।
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जनसुनवाई के नोडल अधिकारी एडीएम प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी के अनुसार पिछले आठ महीने में 38 अधिकारियों का वेतन काटा जा चुका है। 150 से अधिक नोटिस जारी हुए हैं। 70 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण से फरियादी संतुष्ट हैं। शत-प्रतिशत संतुष्टि के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है।
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फरवरी से अक्तूबर तक जनसुनवाई की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार 150 से अधिक अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें 100 से अधिक अधिकारियों ने नोटिस के बाद कार्य में सुधार किया। लेकिन, 50 अधिकारी ऐसे रहे जिनका रवैया नहीं बदला।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात चिकित्सक को सबसे ज्यादा नोटिस जारी हुए हैं। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अभियंता भी लापरवाह मिले हैं।
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जनसुनवाई के नोडल अधिकारी एडीएम प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी के अनुसार पिछले आठ महीने में 38 अधिकारियों का वेतन काटा जा चुका है। 150 से अधिक नोटिस जारी हुए हैं। 70 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण से फरियादी संतुष्ट हैं। शत-प्रतिशत संतुष्टि के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है।