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'नीरी' की टीम ने कोसी, वृंदावन और मथुरा से लिए यमुना जल के नमूने
Wed, 03 Mar 2021 12:29 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 03 Mar 2021 12:29 AM IST
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नाव में बैठकर यमुना का निरीक्षण करती नीरी की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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अधिवक्ता एवं पर्यावरणविद् एमसी मेहता की मौजूदगी में राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) की टीम ने मंगलवार को कोसीकलां, छाता, वृंदावन और मथुरा से यमुना जल के नमूने लिए। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी कोसी ड्रेन के संबंधित क्षेत्रों का जायजा करते हुए वृंदावन स्थित यमुना में गिरते हुए देखा। यहां ड्रेन के मुहाने से भी नमूने एकत्रित किए गए।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरणविद् एमसी मेहता मंगलवार को धार्मिक नगरी मथुरा स्थित यमुना जल की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। उनके साथ राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान नीरी के निदेशक डॉ. एसके गोयल, डॉ. प्रवीन और पर्यावरण विद एमसी मेहता के सहयोगी एडवोकेट कात्यानी और मथुरा से गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी भी साथ थे।
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नीरी की टीम ने सबसे पहले कोसीकलां में औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले नाले से औद्योगिक और सीवर के नमूने एकत्रित किए। यहां से टीम कोसी ड्रेन के सहारे चलते हुए छाता पहुंची। यहां भी विभिन्न फैक्ट्रियों से निकल रहे पानी और सीवर के नमूने लिए।
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इसके बाद टीम शेरगढ़ होते हुए वृंदावन पहुंची। यहां यमुना में गिर रहे कोसी ड्रेन के अंतिम छोर से पानी के नमूने लिए गए। इसके बाद टीम ने यमुना जल के भी नमूने लिए। इसके बाद मथुरा पहुंची टीम ने मसानी पंपिंग स्टेशन और यमुना के जल के नमूने एकत्रित किए।
गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि निरीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब वृंदावन में वैष्णव संतों का कुंभ आयोजित किया जा रहा है। स्नान के लिए प्रयक्त यमुना जल स्थिति रिपोर्ट से सामने आ जाएगी। कोसी से मथुरा तक यमुना जल में रसायनों की मौजूदगी का एक बार फिर संकेत मिल रहा है। पर्यावरणविद् एमसी मेहता ने बताया कि यमुना जल की रिपोर्ट जल्द ही सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में दाखिल की जाएगी।
गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि निरीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब वृंदावन में वैष्णव संतों का कुंभ आयोजित किया जा रहा है। स्नान के लिए प्रयक्त यमुना जल स्थिति रिपोर्ट से सामने आ जाएगी। कोसी से मथुरा तक यमुना जल में रसायनों की मौजूदगी का एक बार फिर संकेत मिल रहा है। पर्यावरणविद् एमसी मेहता ने बताया कि यमुना जल की रिपोर्ट जल्द ही सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में दाखिल की जाएगी।