नौ देवियां: निडर होकर खुले आकाश में पंख फैला रहीं बेटियां, परिवार का नाम कर रहीं रोशन
परिवार का सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर धीरे-धीरे मुकाम बना रही हैं। इनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने-अपने क्षेत्र में देश का प्रतिनिधित्व कर मेडल लाना है।
विस्तार
आज नवरात्र का अंतिम दिन है। घर-घर में बृहस्पतिवार को बच्चियों को देवी स्वरूप के रूप में पूजा जाएगा। ताजनगरी में तमाम ऐसी बच्चियां हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में अपने शहर और परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। निडर होकर वे खुले आकाश में पंख फैला रही हैं। परिवार का सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर धीरे-धीरे मुकाम बना रही हैं। इनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने-अपने क्षेत्र में देश का प्रतिनिधित्व कर मेडल लाना है।
वर्तिका: टेबल टेनिस में कमा रही नाम (खेल)
बोदला निवासी वर्तिका शहर के लिए जाना-पहचाना नाम हैं। टेबल टेनिस की अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी 14 साल की वर्तिका अब तक कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं। कोलकाता के साईं सेंटर में रहकर अभ्यास कर रही हैं। उनका सपना ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर मेडल लेना है।
अंबिका: हर फन में है माहिर
सेवला की रहने वाली अंबिका शर्मा कहती हैं कि उनका जन्म ही मंच के लिए हुआ है। तमाम मॉडलिंग, डांस और अन्य प्रतियोगिताओं में अपना हुनर दिखा चुकी हैं। फिल्मों की ओर रुख किया है। स्थानीय स्तर पर ही काम मिल रहा है। फैशन इंडस्ट्री में भी अपना जलवा बिखेर रही हैं।
उन्नति: मंच पर बिखेर रहीं रंगत (मॉडलिंग)
शहर की बाल मॉडल उन्नति श्रीवास्तव अपनी प्रतिभा से दर्शकों के बीच खासी लोकप्रिय हैं। उनकी उम्र सिर्फ नौ साल है और राज्यस्तर पर मॉडलिंग और डांस से जुड़ी कई प्रतियोगिताओं में नाम कमा चुकी हैं। आने वाले समय में मॉडलिंग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाना चाहती हैं।
पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ा रहीं माही गुप्ता की हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ है। दोनों ही भाषाओं में लेखन कार्य कर रही हैं। अभी सिर्फ 12 साल की हैं। उनका सपना है कि लेखन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाएं। उनका कविता कोष जल्द प्रकाशित होने वाला है।
अधिश्री: रंगमंच की प्रतिभा (थियेटर)
सांस्कृतिक गतिविधियों में लगातार आगे रहने वाली अधिश्री शर्मा बाल कलाकार के रूप में स्थापित हैं। कविता और कहानी को प्रभावी रूप से प्रस्तुतीकरण उनकी पहचान है। हाथरस रोड की रहने वाली 15 वर्षीय अधिश्री भारतीय जननाट्य संघ से जुड़ी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार ही काम कर रही हैं।
श्रेया: आवाज की जादूगर (गायन)
शहर की तेजी से उभरती बाल गायिका श्रेया शर्मा ने रियल्टी म्यूजिक शो सारेगामा के मंच तक धूम मचा रखी है। पिछले छह वर्षों से संगीत की शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। स्कूल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। उनका लक्ष्य है कि प्लेबैक सिंगिंग के जरिये परिवार का नाम रोशन करें।
कमला नगर की रहने वाली पल गुप्ता की उम्र महज 14 साल है लेकिन उनमें प्रतिभा जबरदस्त है। वह कथक करती हैं। नृत्य के दौरान लगातार 2000 राउंड लगाने का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। साथ ही स्केट्स पहनकर भी नृत्य करती हैं। ताजनगरी के अलावा तमाम शहरों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।
राशि: कहानी बनी पहचान
राजामंडी की रहने वाली राशि सिंह अभी सिर्फ 12 साल की हैं। खुद कहानियां नहीं लिखतीं लेकिन स्टोरी टेलिंग का उनका तरीका कुछ अलग है। रंगमंच की बारीकियों और साफ उच्चारण के साथ कहानी सुनाती हैं। स्थानीय स्तर पर ख्याति मिली है। स्कूल स्तर पर भी खासी सक्रिय रहती हैं।
सुहानी: तूलिका से भर रहीं रंग (पेंटिंग)
कमला नगर की 12 वर्षीय सुहानी अग्रवाल एक बेहतरीन चित्रकार हैं। वह धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। एक अच्छी टीटी की खिलाड़ी भी हैं। उनका सपना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पेंटिंग को पहचान मिले। अपने स्कूल की प्रतियोगिताओं में भी खासी सक्रिय रहती हैं।
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