{"_id":"6987acd31e7c1582620c54fc","slug":"national-gold-medalist-felt-uncomfortable-after-coming-to-agra-agra-news-c-365-1-sagr1044-106442-2026-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट आगरा में आकर हुईं असहज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट आगरा में आकर हुईं असहज
Sun, 08 Feb 2026 02:51 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 08 Feb 2026 02:51 AM IST
विज्ञापन
नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट
आगरा। राष्ट्रीय नौकायन प्रतियोगिता की गोल्ड मेडलिस्ट सरिता को शहर में एक रात रुकने के लिए दर-दर भटकना पड़ा। उन्होंने अपने को इस दौरान असहज महसूस किया।
हरियाणा के रेवाड़ी से आगरा मैराथन में शामिल होने आईं सरिता शुक्रवार को ही शहर पहुंच गई थीं। रविवार सुबह 6 बजे शुरू होने वाली मैराथन के कारण उन्हें रात में ठहरने की सख्त जरूरत थी। उनके पास सिर्फ किराए के रुपये थे। शनिवार रात वह पहले गुरुद्वारा गुरु का ताल पहुंचीं, जहां उन्होंने रात गुजारी। सरिता ने बताया कि सुबह-सुबह मैराथन स्थल तक समय से पहुंचना गुरुद्वारा से संभव नहीं था।
उन्होंने बताया कि इसके बाद वह स्टेडियम पहुंचीं और आयोजकों से ठहरने की व्यवस्था की गुहार लगाईं। उन्हें मना कर दिया गया। उम्मीद में वह एक और गुरुद्वारा पहुंचीं, पर वहां जगह नहीं मिली। एक मंदिर में बात की लेकिन वहां चौकीदार मौजूद नहीं था। लगातार निराशा के बीच आखिरकार स्टेडियम के कोच हरदीप सिंह ने मदद की। उन्होंने क्रिकेट कोच मनोज कुशवाहा से संपर्क किया। मनोज कुशवाहा ने अपनी मधु नगर निवासी क्रिकेटर शिष्या श्रेया के घर सरिता के ठहरने का इंतजाम कराया।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टर हरदीप सिंह हीरा का कहना है कि खिलाड़ी शहर का नाम रोशन करने आते हैं, उन्हें बुनियादी जरूरत के लिए भटकना पड़ता है। कोच की मानवता ने भले ही संकट का समाधान कर दिया लेकिन आयोजकों की भी कुछ जिम्मेदारी होनी चाहिए।
===========
- हम मैराथन का आयोजन कर रहे हैं। खिलाड़ियों के ठहरने का इंतजाम हमारे आयोजन का हिस्सा नहीं है। किसी भी मैराथन में ऐसा नहीं होता है। फिर भी अगर हमारी हेल्पलाइन पर खिलाड़ी पहले कॉल करतीं तो हम मदद जरूर करते। - डॉ. संजय गुप्ता, आयोजन सचिव
-- --
विज्ञापन
हरियाणा के रेवाड़ी से आगरा मैराथन में शामिल होने आईं सरिता शुक्रवार को ही शहर पहुंच गई थीं। रविवार सुबह 6 बजे शुरू होने वाली मैराथन के कारण उन्हें रात में ठहरने की सख्त जरूरत थी। उनके पास सिर्फ किराए के रुपये थे। शनिवार रात वह पहले गुरुद्वारा गुरु का ताल पहुंचीं, जहां उन्होंने रात गुजारी। सरिता ने बताया कि सुबह-सुबह मैराथन स्थल तक समय से पहुंचना गुरुद्वारा से संभव नहीं था।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इसके बाद वह स्टेडियम पहुंचीं और आयोजकों से ठहरने की व्यवस्था की गुहार लगाईं। उन्हें मना कर दिया गया। उम्मीद में वह एक और गुरुद्वारा पहुंचीं, पर वहां जगह नहीं मिली। एक मंदिर में बात की लेकिन वहां चौकीदार मौजूद नहीं था। लगातार निराशा के बीच आखिरकार स्टेडियम के कोच हरदीप सिंह ने मदद की। उन्होंने क्रिकेट कोच मनोज कुशवाहा से संपर्क किया। मनोज कुशवाहा ने अपनी मधु नगर निवासी क्रिकेटर शिष्या श्रेया के घर सरिता के ठहरने का इंतजाम कराया।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टर हरदीप सिंह हीरा का कहना है कि खिलाड़ी शहर का नाम रोशन करने आते हैं, उन्हें बुनियादी जरूरत के लिए भटकना पड़ता है। कोच की मानवता ने भले ही संकट का समाधान कर दिया लेकिन आयोजकों की भी कुछ जिम्मेदारी होनी चाहिए।
===========
- हम मैराथन का आयोजन कर रहे हैं। खिलाड़ियों के ठहरने का इंतजाम हमारे आयोजन का हिस्सा नहीं है। किसी भी मैराथन में ऐसा नहीं होता है। फिर भी अगर हमारी हेल्पलाइन पर खिलाड़ी पहले कॉल करतीं तो हम मदद जरूर करते। - डॉ. संजय गुप्ता, आयोजन सचिव