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नेशनल चैंबर के डिमांड सर्वे में उत्साहित दिखे उद्यमी, टैक्सटाइल हब में निवेश के लिए बढ़े कदम
Fri, 11 Sep 2020 09:57 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 11 Sep 2020 09:57 AM IST
सार
72 प्रतिशत उद्यमी 3000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से व 17.5 प्रतिशत उद्यमी 4500 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भूखंड लेना
चाहते हैं।
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विस्तार
टैक्सटाइल हब में 305 उद्यमियों ने निवेश के लिए कदम बढ़ाए हैं। इनमें 218 उद्यमियों ने गारमेंट निर्माण, अन्य ने जूता उद्योग, कालीन और हस्तशिल्प इकाइयां लगाने की बात कही है।
नेशनल चैंबर के विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष केसी जैन ने बताया कि हाल में चैंबर ने एक फिर डिमांड सर्वे कराया है, जिसमें 305 उद्यमी निवेश को उत्साहित दिखे।
72 प्रतिशत उद्यमी 3000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से व 17.5 प्रतिशत उद्यमी 4500 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भूखंड लेना चाहते हैं। 40 लोगों ने 500 वर्गमीटर तक के भूखंड, 86 लोगों ने 500 वर्गमीटर से 1000 वर्गमीटर तक के भूखंड, 85 लोगों ने 1000 वर्गमीटर से 2000 वर्गमीटर तक के भूखंड, 59 लोगों ने 2000 वर्गमीटर से 4000 वर्गमीटर तक के भूखंड और 35 लोगों ने 4000 वर्गमीटर से 10000 वर्गमीटर तक के भूखंडों की मांग की है।
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नेशनल चैंबर के विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष केसी जैन ने बताया कि हाल में चैंबर ने एक फिर डिमांड सर्वे कराया है, जिसमें 305 उद्यमी निवेश को उत्साहित दिखे।
72 प्रतिशत उद्यमी 3000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से व 17.5 प्रतिशत उद्यमी 4500 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भूखंड लेना चाहते हैं। 40 लोगों ने 500 वर्गमीटर तक के भूखंड, 86 लोगों ने 500 वर्गमीटर से 1000 वर्गमीटर तक के भूखंड, 85 लोगों ने 1000 वर्गमीटर से 2000 वर्गमीटर तक के भूखंड, 59 लोगों ने 2000 वर्गमीटर से 4000 वर्गमीटर तक के भूखंड और 35 लोगों ने 4000 वर्गमीटर से 10000 वर्गमीटर तक के भूखंडों की मांग की है।
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इस प्रकार 500 वर्गमीटर से लेकर 4000 वर्गमीटर तक वाले भूखंडों की मांग सबसे अधिक है। अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के मुताबिक गारमेंट हब और औद्योगिक क्लस्टर दोनों की ही सफलता इस बात पर टिकी हुई है कि उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) किस दर पर टैक्सटाइल पार्क के लिए थीम पार्क की भूमि का आवंटन करता है और कब तक होता है।