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सूबे में लगातार मिल रहे फर्जी शिक्षक, आगरा में आठ माह से बंद है भर्तियों की जांच
Tue, 16 Jun 2020 10:23 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 16 Jun 2020 10:23 AM IST
सार
- आठ माह पहले बीएसए कार्यालय में लगी थी आग
- सील कक्ष में रखे हैं शिक्षकों के दस्तावेज
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बीएसए कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
परिषदीय स्कूलों में 2010 और उसके बाद के वर्षों में हुईं सभी शिक्षक भर्तियों की जांच जिले में बंद पड़ी है। बीएसए कार्यालय में हुए अग्निकांड के बाद से जांच आगे नहीं बढ़ सकी। आठ माह से अधिक समय हो गया, बीएसए कार्यालय के सील कक्ष में शिक्षकों के दस्तावेज रखे हुए हैं।
वर्ष 2018 में शासन स्तर से भर्तियों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी। अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। पांच अक्तूबर 2018 को इसकी पहली बैठक हुई थी।
बीएसए कार्यालय में आगः फर्जी शिक्षकों को बचाने का 'खेल' खोलेगी कमेटी
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समिति की दो-तीन बैठकें हुईं, बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के प्रमाणपत्र मांगे गए, सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए जा सके। छह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई समिति की जांच के आधार पर दिखाई गई है।
बीएसए दफ्तर में आग की जांच पड़ी ठंडी, मुआयना करने नहीं पहुंची फोरेंसिक टीम
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 से जांच शुरू होने तक आठ भर्तियों में जिले के 2071 पदों पर नियुक्तियां हुई थीं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव का कहना है कि उनके कार्यभार गृहण करने के पहले से सील कक्ष में दस्तावेज रखे हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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वर्ष 2018 में शासन स्तर से भर्तियों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी। अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। पांच अक्तूबर 2018 को इसकी पहली बैठक हुई थी।
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समिति की दो-तीन बैठकें हुईं, बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के प्रमाणपत्र मांगे गए, सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए जा सके। छह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई समिति की जांच के आधार पर दिखाई गई है।
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परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 से जांच शुरू होने तक आठ भर्तियों में जिले के 2071 पदों पर नियुक्तियां हुई थीं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव का कहना है कि उनके कार्यभार गृहण करने के पहले से सील कक्ष में दस्तावेज रखे हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
लिपिक को एडी बेसिक कार्यालय में लगाने पर एतराज
खंड शिक्षा अधिकारी, लोहामंडी, नगर क्षेत्र में तैनात कनिष्ठ लिपिक अनिल कुमार सिंह को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी), बेसिक अवध किशोर सिंह ने अपने कार्यालय में लगाया है। कार्य की अधिकता होने पर ऐसा किया गया।
अग्रिम आदेश तक लिपिक को कार्यालय में काम करने का आदेश दिया गया है। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र नीलम सिंह का कहना है कि उन्होंने लिपिक अनिल कुमार सिंह को किताब के काम में लगाया था, उन्होंने काम करने से मना कर दिया। एडी बेसिक का पत्र मिला है रिलीव किया जाएगा।
हालांकि वह इस तरह से कर्मचारी को हटाए जाने से संतुष्ट नहीं हैं। एडी बेसिक का कहना है कि उनके कार्यालय के चार लिपिक को जिला प्रशासन ने राशन वितरण के काम में लगा रखा है और एक अवकाश पर चल रहा है। काम की अधिकता की वजह से लिपिक को कुछ दिनों के लिए लगाया गया है।
खंड शिक्षा अधिकारी, लोहामंडी, नगर क्षेत्र में तैनात कनिष्ठ लिपिक अनिल कुमार सिंह को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी), बेसिक अवध किशोर सिंह ने अपने कार्यालय में लगाया है। कार्य की अधिकता होने पर ऐसा किया गया।
अग्रिम आदेश तक लिपिक को कार्यालय में काम करने का आदेश दिया गया है। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र नीलम सिंह का कहना है कि उन्होंने लिपिक अनिल कुमार सिंह को किताब के काम में लगाया था, उन्होंने काम करने से मना कर दिया। एडी बेसिक का पत्र मिला है रिलीव किया जाएगा।
हालांकि वह इस तरह से कर्मचारी को हटाए जाने से संतुष्ट नहीं हैं। एडी बेसिक का कहना है कि उनके कार्यालय के चार लिपिक को जिला प्रशासन ने राशन वितरण के काम में लगा रखा है और एक अवकाश पर चल रहा है। काम की अधिकता की वजह से लिपिक को कुछ दिनों के लिए लगाया गया है।