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बीएसए दफ्तर में आग की जांच पड़ी ठंडी, मुआयना करने नहीं पहुंची फोरेंसिक टीम
Tue, 15 Oct 2019 12:27 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 15 Oct 2019 12:27 AM IST
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बीएसए कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के बीएसए दफ्तर में रहस्यमय ढंग से आग लग जाने के मामले में पुलिस की जांच सोमवार को अचानक से ठंडी पड़ गई। न तो मौका मुआयने के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम आई। न ही पुलिस ने उन लिपिकों से पूछताछ की जो पहले दिन से ही शक के दायरे में है। अब तक सिर्फ चौकीदार से पूछताछ हुई। इसका नतीजा सिफर रहा है।
पुलिस ने लिपिकों की कॉल डिटेल निकलवाने के लिए कहा था लेकिन यह भी मिल नहीं पाई है। अग्निश्मन के अधिकारियों की जांच में मदद ली जा सकती है लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया है। बीएसए ने जो केस दर्ज कराया है, वह आग लगाए जाने का। पुलिस को अब यह मालूम करना है कि आग किसने और क्यों लगाई?
8 अक्तूबर को लगी आग में 1500 फाइलें जल गई थीं। ये शिक्षकों के खिलाफ चल रही जांच, फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों की बर्खास्तगी से संबंधित हैं। पुलिस को उन लिपिकों पर शक हुआ जिनका पटल खिड़की के पास है।
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आग यहीं से लगी थी। यहीं पर फाइलें मेज पर रखी थीं जबकि इन्हें लोहे की अलमारी में रखा जाना चाहिए था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनमें से एक लिपिक से आग लगने वाली रात ही पूछताछ हुई। इसकेबाद उसने अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया है।
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पुलिस ने लिपिकों की कॉल डिटेल निकलवाने के लिए कहा था लेकिन यह भी मिल नहीं पाई है। अग्निश्मन के अधिकारियों की जांच में मदद ली जा सकती है लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया है। बीएसए ने जो केस दर्ज कराया है, वह आग लगाए जाने का। पुलिस को अब यह मालूम करना है कि आग किसने और क्यों लगाई?
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8 अक्तूबर को लगी आग में 1500 फाइलें जल गई थीं। ये शिक्षकों के खिलाफ चल रही जांच, फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों की बर्खास्तगी से संबंधित हैं। पुलिस को उन लिपिकों पर शक हुआ जिनका पटल खिड़की के पास है।
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आग यहीं से लगी थी। यहीं पर फाइलें मेज पर रखी थीं जबकि इन्हें लोहे की अलमारी में रखा जाना चाहिए था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनमें से एक लिपिक से आग लगने वाली रात ही पूछताछ हुई। इसकेबाद उसने अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया है।
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पुलिस ने यह कहा
सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा का कहना है कि फोरेंसिक टीम सोमवार को नहीं आ सकी लेकिन जल्द ही आएगी। अन्य पहलुओं पर जांच चल रही है। कुछ लोग शक के दायरे में हैं, उनकी सूची बनाई जा रही है। उनसे पूछताछ की जाएगी।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जांच टीम गठित हो चुकी है। जल्द ही जांच तेजी पकड़ेगी।
इन बिंदुओं पर होनी है जांच
1. फाइलें जलने से किस किसको फायदा हुआ? आग लगने केसमय उनकी लोकेशन क्या थी, उनकी मोबाइल की कॉल डिटेल क्या है?
2. आग किसने लगाई? और कैसे लगाई? ताला खोलकर अंदर से आग लगाई या बाहर से?
3. शिक्षकों के खिलाफ जांच का रिकार्ड सिर्फ कागजी क्यों था? इसे कंप्यूटर में दर्ज क्यों नहीं किया गया?
4. दफ्तर का सेफ्टी ऑडिट कब कराया गया? इसे किसने किया और क्या रिपोर्ट दी? क्या उसमें तार ढीले होने जैसी कोई बात थी।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जांच टीम गठित हो चुकी है। जल्द ही जांच तेजी पकड़ेगी।
इन बिंदुओं पर होनी है जांच
1. फाइलें जलने से किस किसको फायदा हुआ? आग लगने केसमय उनकी लोकेशन क्या थी, उनकी मोबाइल की कॉल डिटेल क्या है?
2. आग किसने लगाई? और कैसे लगाई? ताला खोलकर अंदर से आग लगाई या बाहर से?
3. शिक्षकों के खिलाफ जांच का रिकार्ड सिर्फ कागजी क्यों था? इसे कंप्यूटर में दर्ज क्यों नहीं किया गया?
4. दफ्तर का सेफ्टी ऑडिट कब कराया गया? इसे किसने किया और क्या रिपोर्ट दी? क्या उसमें तार ढीले होने जैसी कोई बात थी।