{"_id":"5da6a1a28ebc3e013371d943","slug":"mysterious-fire-case-bsa-office-police-got-evidence-agra-update-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएसए दफ्तर में आगः पुलिस को मिले 'गहरी साजिश' के सबूत, जलीं सिर्फ यह फाइलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएसए दफ्तर में आगः पुलिस को मिले 'गहरी साजिश' के सबूत, जलीं सिर्फ यह फाइलें
Wed, 16 Oct 2019 10:21 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 16 Oct 2019 10:21 AM IST
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
बीएसए दफ्तर में आग लगाए जाने के सुबूत पुलिस को मिल गए हैं। पूरे कमरे में आग सिर्फ दो ही जगह लगी। दोनों जगह शिक्षकों के खिलाफ चल रही जांच की फाइलें थीं। इनमें से आधी फाइलें खिड़की के पास रखी गई थीं, इतनी ही एक टेबल के ऊपर रखी थीं।
मंगलवार दोपहर को सीओ लोहामंडी फील्ड यूनिट के साथ मौका मुआयना करने पहुंचे तो तस्वीर साफ हो गई। फील्ड यूनिट ने बताया कि अन्य जगह सिर्फ धुआं पहुंचा है। शार्ट सर्किट जैसा कुछ भी नहीं है।
कारण यह है कि जहां-जहां आग लगी वहां आसपास बिजली के तार नहीं हैं। दूसरा, एक जगह लगी आग दूसरी जगह नहीं पहुंची। दोनों के बीच में काफी जगह है। बीच में रखी फाइलें भी नहीं जली हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर को सीओ लोहामंडी फील्ड यूनिट के साथ मौका मुआयना करने पहुंचे तो तस्वीर साफ हो गई। फील्ड यूनिट ने बताया कि अन्य जगह सिर्फ धुआं पहुंचा है। शार्ट सर्किट जैसा कुछ भी नहीं है।
विज्ञापन
कारण यह है कि जहां-जहां आग लगी वहां आसपास बिजली के तार नहीं हैं। दूसरा, एक जगह लगी आग दूसरी जगह नहीं पहुंची। दोनों के बीच में काफी जगह है। बीच में रखी फाइलें भी नहीं जली हैं।
विज्ञापन
Trending Videos
साजिश इससे भी साफ हो रही है कि फर्जी डिग्री वाली शिक्षकों की बर्खास्तगी जैसी महत्वपूर्ण फाइलें खिड़की पास रखी गईं थीं। इसी तरह टेबल पर फाइलें रखी थीं, जबकि इन्हें अलमारी में रखा जाना चाहिए था। पुलिस को यह जानकारी पहली बार मौके पर जाने पर नहीं मिली थी।
कारण यह था कि कमरे में धुआं भरा था। सीओ ने बताया कि यह लगभग साफ है कि आग लगी नहीं, लगाई गई। अब इसके साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फील्ड यूीनिट ने सैंपल लिए हैं। इन्हें विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इनसे पता चल सकेगा कि आग किस चीज से लगाई गई।
लिपिक से फिर से होगी पूछताछ
पुलिस ने बताया कि जिस लिपिक के पटल की फाइलें जली हैं उससे फिर से पूछताछ की जाएगी। आठ दिन पहले आग लगने के तुरंत बाद उसे बुलाया गया था, लेकिन थोड़ी देर बाद छोड़ दिया गया था।
कारण यह था कि कमरे में धुआं भरा था। सीओ ने बताया कि यह लगभग साफ है कि आग लगी नहीं, लगाई गई। अब इसके साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फील्ड यूीनिट ने सैंपल लिए हैं। इन्हें विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इनसे पता चल सकेगा कि आग किस चीज से लगाई गई।
लिपिक से फिर से होगी पूछताछ
पुलिस ने बताया कि जिस लिपिक के पटल की फाइलें जली हैं उससे फिर से पूछताछ की जाएगी। आठ दिन पहले आग लगने के तुरंत बाद उसे बुलाया गया था, लेकिन थोड़ी देर बाद छोड़ दिया गया था।