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कोरोना काल में सरसों के तेल में महंगाई का तड़का, 30 दिन में 40 रुपये बढ़े दाम
Sat, 10 Oct 2020 12:04 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:04 AM IST
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सरसों का तेल
सरसों के तेल में कोई और तेल मिलाने (मिश्रण) पर लगी पाबंदी के बाद ताजनगरी में भी इसके दाम तेजी से बढ़े हैं। 30 दिन पहले तक खुदरा कीमत 90-100 रुपये किलो तक थी। अब यह 130-140 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसमें 40 रुपये की तेजी आई है।
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कारोबारियों का एक और तर्क यह भी है कि कोरोना काल में सरसों के तेल का इस्तेमाल बढ़ा है। आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में इसका उपयोग होता है। इसका थोक मूल्य 120 से 122 रुपये किलो तक हो गया है। पहले यह 80 से 82 रुपये किलो था।
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कोल्हू पर शुद्ध सरसों तेल 150-160 रुपये किलो तक मिल रहा है। बड़े ब्रांड का तेल 130 से 140 रुपये किलो है। कुछ ब्रांड 120-125 में दे रही है। पहले ये 100-110 बेच रहे थे। एक अक्तूबर से स्थिति में तेजी से फर्क आया है।
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खपत 50 टन बढ़ी है
तेल मिल मालिक शांति स्वरूप गोयल ने बताया कि तेल में मिश्रण पर पाबंदी तो एक अक्तूबर से लगी है लेकिन कीमतें पहले से चढ़ रही हैं। इनकी वजह आयात में कमी का होना भी है और मांग में वृद्धि भी। शहर में इस समय लगभग 300 टन प्रतिदिन खपत हो रही है। सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 250 टन रहता है।
खुदरा में कीमतें ज्यादा बढ़ी
थोक कारोबारी समर्थ सिक्का ने कहा कि सरसों का तेल थोक बाजार में करीब 120 रुपये और फुटकर में करीब 135 रुपये है। रिफाइंड अब भी इतने ही दाम पर बिक रहा है। खुदरा में कीमतें ज्यादा बढ़ी हैं।
सरसों की पैदावार में गिरावट है
किसान भूरा ने कहा कि इस बार सरसों की पैदावार में 40 फीसदी की गिरावट है। बरसात से फसल खराब हो गयी थी। अब जल्द खेतों में बुवाई का काम शुरू होने वाला है।
तेल मिल मालिक शांति स्वरूप गोयल ने बताया कि तेल में मिश्रण पर पाबंदी तो एक अक्तूबर से लगी है लेकिन कीमतें पहले से चढ़ रही हैं। इनकी वजह आयात में कमी का होना भी है और मांग में वृद्धि भी। शहर में इस समय लगभग 300 टन प्रतिदिन खपत हो रही है। सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 250 टन रहता है।
खुदरा में कीमतें ज्यादा बढ़ी
थोक कारोबारी समर्थ सिक्का ने कहा कि सरसों का तेल थोक बाजार में करीब 120 रुपये और फुटकर में करीब 135 रुपये है। रिफाइंड अब भी इतने ही दाम पर बिक रहा है। खुदरा में कीमतें ज्यादा बढ़ी हैं।
सरसों की पैदावार में गिरावट है
किसान भूरा ने कहा कि इस बार सरसों की पैदावार में 40 फीसदी की गिरावट है। बरसात से फसल खराब हो गयी थी। अब जल्द खेतों में बुवाई का काम शुरू होने वाला है।
रसोई का बजट बिगड़ा
कमला नगर निवासी पवन शर्मा ने कहा कि तेल की बढ़ती हुई कीमत भी परेशान करने लगी है। ऐसे में रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। सरसों के तेल में एक महीने में इतनी वृद्धि पहले कभी नहीं हुई।
कीमतों पर नियंत्रण रखे सरकार
गृहिणी सुषमा कुमारी ने कहा कि सरकार ने सरसों के तेल में अन्य कोई तेल न मिलाए जाने का फैसला तो सही लिया लेकिन इसकी कीमतों पर भी नियंत्रण करना चाहिए ताकि लोगों पर बोझ न पड़े।
कमला नगर निवासी पवन शर्मा ने कहा कि तेल की बढ़ती हुई कीमत भी परेशान करने लगी है। ऐसे में रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। सरसों के तेल में एक महीने में इतनी वृद्धि पहले कभी नहीं हुई।
कीमतों पर नियंत्रण रखे सरकार
गृहिणी सुषमा कुमारी ने कहा कि सरकार ने सरसों के तेल में अन्य कोई तेल न मिलाए जाने का फैसला तो सही लिया लेकिन इसकी कीमतों पर भी नियंत्रण करना चाहिए ताकि लोगों पर बोझ न पड़े।