{"_id":"60e9e0fc8ebc3e4aeb5f9fce","slug":"mushroom-production-will-get-flight-horticulture-department-will-give-grant-mainpuri-news-agr499300249","type":"story","status":"publish","title_hn":"मशरूम उत्पादन को मिलेगी उड़ान, उद्यान विभाग देना अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मशरूम उत्पादन को मिलेगी उड़ान, उद्यान विभाग देना अनुदान
विज्ञापन
मैनपुरी। जिले को मशरूम उत्पादन का हब बनाने के लिए उद्यान विभाग ने पहल की है। इसके तहत मशरूम उत्पादन करने वाले किसानों को औद्यानिक मिशन के तहत अनुदान दिया जाएगा। ये अनुदान कुल लागत का 40 प्रतिशत दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन आने शुरू हो गए है। जिन्हें बैंक से स्वीकृति के बाद शासन को भेजा जाएगा।
किसानों को उन्नत खेती की राह दिखाने के लिए प्रशासन और उद्यान विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी के तहत अब मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पहल की गई है। राजकीय औद्यानिक मिशन के तहत मशरूम उत्पादन पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए निर्माण के साथ ही बीज, कंपोस्ट व रैक आदि के लिए प्रोजेक्ट तैयार करना होगा। प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद बैंक से ऋण की अनुमति लेनी होगी। अनुमति होने के बाद ही ये फाइल शासन को भेजी जाएगी।
इसके बाद उद्यान विभाग की ओर से प्रोजेक्ट की कुल लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मानक के अनुसार एक प्रोजेक्ट की कीमत 20 लाख रुपये निर्धारित है। अगर प्रोजेक्ट की कीमत इससे अधिक भी है तो भी आठ लाख रुपये का ही अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए आवेदनों का कोई निर्धारित लक्ष्य नहीं हैं। सभी आवेदनों को स्वीकृति के बाद अनुदान दिया जाएगा। इससे मशरूम उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने बताया कि किसान प्रोजेक्ट और बैंक की स्वीकृति के साथ उद्यान विभाग के कार्यालय में अपना आवेदन दे सकते हैं। यहां से उसे स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा।
बैंक से ऋण दिलाने में आ रही है समस्या
मशरूम उत्पादन के लिए बैंक से ऋण दिलाने में समस्या आ रही है। बिना ऋण के अनुदान मिलना संभव नहीं है। क्योंकि अनुदान की धनराशि सीधे बैंक को ही भुगतान की जाएगी। ऐसे में जब तक बैंक ऋण नहीं देती है तब तक ये योजना साकार नहीं हो सकेगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए अग्रणी जिला प्रबंधक को पहल कर ऋण स्वीकृत कराने के लिए कहा है।
दो ब्लॉकों में दिया जा चुका है प्रशिक्षण
जिले में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने पहल की थी। इसके तहत सबसे पहले विकास खंड किशनी के गांव कुरसंडा में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं ने उत्पादन भी शुरू कर दिया था। वहीं बीते माह सुल्तानगंज में भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
राजकीय औद्यानिक मिशन के तहत मशरूम उत्पादन यूनिट पर 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए बैंक से ऋण मिलने की स्वीकृति के बाद शासन को प्रोजेक्ट भेजे जाएंगे। उत्पादन के इच्छुक किसान प्रोजेक्ट और बैंक की स्वीकृति के साथ कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।
विज्ञापन
किसानों को उन्नत खेती की राह दिखाने के लिए प्रशासन और उद्यान विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी के तहत अब मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पहल की गई है। राजकीय औद्यानिक मिशन के तहत मशरूम उत्पादन पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए निर्माण के साथ ही बीज, कंपोस्ट व रैक आदि के लिए प्रोजेक्ट तैयार करना होगा। प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद बैंक से ऋण की अनुमति लेनी होगी। अनुमति होने के बाद ही ये फाइल शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
इसके बाद उद्यान विभाग की ओर से प्रोजेक्ट की कुल लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मानक के अनुसार एक प्रोजेक्ट की कीमत 20 लाख रुपये निर्धारित है। अगर प्रोजेक्ट की कीमत इससे अधिक भी है तो भी आठ लाख रुपये का ही अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए आवेदनों का कोई निर्धारित लक्ष्य नहीं हैं। सभी आवेदनों को स्वीकृति के बाद अनुदान दिया जाएगा। इससे मशरूम उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने बताया कि किसान प्रोजेक्ट और बैंक की स्वीकृति के साथ उद्यान विभाग के कार्यालय में अपना आवेदन दे सकते हैं। यहां से उसे स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा।
बैंक से ऋण दिलाने में आ रही है समस्या
मशरूम उत्पादन के लिए बैंक से ऋण दिलाने में समस्या आ रही है। बिना ऋण के अनुदान मिलना संभव नहीं है। क्योंकि अनुदान की धनराशि सीधे बैंक को ही भुगतान की जाएगी। ऐसे में जब तक बैंक ऋण नहीं देती है तब तक ये योजना साकार नहीं हो सकेगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए अग्रणी जिला प्रबंधक को पहल कर ऋण स्वीकृत कराने के लिए कहा है।
दो ब्लॉकों में दिया जा चुका है प्रशिक्षण
जिले में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने पहल की थी। इसके तहत सबसे पहले विकास खंड किशनी के गांव कुरसंडा में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं ने उत्पादन भी शुरू कर दिया था। वहीं बीते माह सुल्तानगंज में भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
राजकीय औद्यानिक मिशन के तहत मशरूम उत्पादन यूनिट पर 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए बैंक से ऋण मिलने की स्वीकृति के बाद शासन को प्रोजेक्ट भेजे जाएंगे। उत्पादन के इच्छुक किसान प्रोजेक्ट और बैंक की स्वीकृति के साथ कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।