एका का दंपती हत्याकांड: माता-पिता की हत्या, बड़ा भाई बना हत्यारा, छोटे को भी खतरा; बोला- नहीं जाऊंगा गांव
फिरोजाबाद में पैसों के लिए बेटे ने माता-पिता को मार डाला। इसमें उसकी पत्नी व साले ने भी उसका साथ दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं अब छोटे भाई को भी अपनी जान का खतरा है।
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में बड़े भाई के हाथों माता-पिता की हत्या बाद नगला रमिया एका निवासी प्रदीप उर्फ सीटू (हत्यारोपी का छोटा भाई) अब गांव में नहीं रहना चाहता। सीटू का कहना है कि हत्यारोपी भाई योगेश के ससुरालीजन संपत्ति के लालच में उसकी भी हत्या करवा सकते हैं। बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र प्रदीप ने कहा कि वह अब गांव में नहीं रहना चहाता। दूर रह कर ही पढ़ाई पूरी करेगा। गांव जाएगा तो भाई के ससुराली और साथी उसके साथ कोई भी घटना कर सकते हैं।
घटना के बाद से सहमे मृतक राकेश सिंह के छोटे बेटे प्रदीप ने कहा कि उसकी भाभी रश्मि (हत्यारोपी योगेेश की पत्नी) अगर चाहती तो यह घटना नहीं होती। प्रदीप ने बताया कि रविवार को उसने माता-पिता को गांव जाने से रोका था। वह खुद गांव आना चाहता था लेकिन पिता राकेश सिंह ने उससे कहा कि उसका गांव जाना ठीक नहीं है। शुरू से ही ऐश-मौज की जिंदगी जीने का आदी हो चुका योगेश शादी के बाद से ही पिता राकेश सिंह और मां गुड्डी देवी पर कृषि भूमि और दोनों मकान बेचने का दबाव बना रहा था। प्रदीप ने बताया कि उसका बड़ा भाई योगेश वर्ष 2019 में शादी के बाद से ही पूरी तरह से बदल गया। भाभी रश्मि ने भी उसे समझाने की कोशिश नहीं की। बल्कि उसी का साथ देती रहीं। अगर वह चाहती तो यह घटना नहीं होती। एक साल से योगेश ने संपत्ति बेचने की जिद में माता-पिता के साथ आए दिन कलह और मारपीट तक करता था। यही कारण था कि वह पढ़ने के लिए गांव से बाहर निकल गया। भाई योगेश से उसकी करीब छह माह से कोई बातचीत नहीं हुई।
विदेश जाना चहाता था योगेश
मृतक राकेश सिंह छोटे भाई दामोदर ने बताया कि योगेश विदेश जाकर ट्रक चालक का काम करने की कह कर पिता से संपत्ति बेचने की बात कहता था। लेकिन संपत्ति के लालच में वह अपनों का ही खून बहा देगा इसकी उम्मीद नहीं की थी।
कहां गए 40 हजार रुपये
पोस्टमार्टम गृह पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने बताया कि राकेश सिंह (मृतक) ने रविवार को गांव के ही मुन्नालाल को पांच बीघा कृषि भूमि एक साल के लिए पट्टे पर दी थी। बताया गया कि पट्टा देने पर राकेश सिंह को 40 हजार रुपये की रकम भी दी गई। गांव से करीब 500 मीटर दूर हुए हत्याकांड के दौरान उक्त धनराशि मृतक राकेश सिंह के पास नहीं मिली।
मृतक की ननिहाल है नगला रमिया
मृतक राकेश सिंह मूल रूप से प्रतापपुर थाना बंसुधरा जनपद एटा के निवासी हैं। राकेश सिंह तीन भाइयों में मझला (दूसरे नंबर) का था। मृतक राकेश सिंह के छोटे भाई दामोदर ने बताया कि नगला रमिया उनके नाना जौहरी सिंह का गांव है। तीनों भाई महीपाल सिंह, राकेश सिंह (मृत) सबसे छोटे दामोदर सिंह करीब 40 साल पहले अपनी ननिहाल नगला रमिया में आकर रहे थे। तीनों भाइयों की पैतृक गांव प्रतापपुर में भी थोडी-बहुत कृषि भूमि है। घटना के वक्त मृतक के बड़े भाई महीपाल सिंह प्रतापपुर में ही थे।