UP: यमुना को गंदा करने वालों की नहीं अब खैर, इन कार्यों पर रोक; 16 कार्मिक करेंगे निगरानी
यमुना में पशु नहलाने, कपड़े धोने और कूड़ा फेंकना रोकने के लिए एक्शन प्लान बन रहा है। आठ एंट्री पॉइंट चुने गए हैं, वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
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यमुना नदी में कूड़ा और गंदगी डालने, पशुओं को नहलाने और कपड़े धोने पर नगर निगम शिकंजा कसने जा रहा है। आठ एंट्री पॉइंट चुने गए हैं, वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। जुर्माना और निगरानी के लिए 16 कार्मिक तैनात होंगे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यमुना में भैसों को नहलाने, धोबी घाट चलाने, कचरा फेंकने और नालों से गंदा पानी पर रोक है। नगर निगम की लापरवाही के कारण लंबे समय से प्रतिबंध का पालन नहीं हो रहा। अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष व मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए नाराजगी व्यक्त की है। चिह्नित कर जुर्माने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को नगर निगम टीम यमुना किनारा पहुंची। हाथी घाट से लेकर आरती स्थल तक निरीक्षण किया। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि यमुना किनारा पर दीवार है। आठ जगह एंट्री पॉइंट चिह्नित कर चेतावनी बोर्ड लगाने का काम शुरू किया है। प्रत्येक पॉइंट पर दो-दो कुल 16 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जो उल्लंघन करने वालों को पकड़कर उनसे जुर्माना वसूलेंगे।
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कूड़ा फेंकने पर 500 रुपये जुर्माना
नदी में कूड़ा, कचरा फेंकने पर 500 रुपये जुर्माना लगेगा। गाय छोड़ने पर 2000, भैंस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। नगर निगम के सदन में जुर्माना राशि को बढ़ाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार हो रहा है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कहना है कि यमुना में प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान तैयार हो रहा है।
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24 घंटे बाद भी नहीं बदले हालात
मंडलायुक्त अमित गुप्ता के निर्देश के 24 घंटे बाद भी यमुना में गंदगी के हालात नहीं बदले। बृहस्पतिवार को पशु नहाते रहे। धोबी घाट पर कपड़े धुले गए। नगर निगम की तरफ से किसी के विरुद्ध कोई जुर्माना नहीं वसूला गया। किसी व्यक्ति को चिह्नित भी नहीं किया गया।