{"_id":"2cc5f301951a532445eb5c2798c52bee","slug":"mughalia-market-will-live-again-in-sikri-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीकरी में फिर जीवंत होगा ‘मुगलिया बाजार’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीकरी में फिर जीवंत होगा ‘मुगलिया बाजार’
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुगलिया सल्तनत की राजधानी रही सीकरी में मुगलिया बाजार को सहेजने की कवायद जारी है। राजस्थान से आने वाले व्यापारियों, मेहमानों के लिए हिरन मीनार के पास बनी कारवां सराय के नजदीक मुगलिया बाजार था, जो जमींदोज हो चुका है। इनमें 14 दुकानों के अवशेष मिले हैं, जिनका संरक्षण कर एएसआई मूर्त रूप देने में जुटा है।
मुगल शहंशाह अकबर की राजधानी रही फतेहपुर सीकरी में राजस्थान से आने वाले व्यापारियों के लिए कारवां सराय बनाई गई। सराय के पास ही बाजार विकसित हुआ, जिसे मुगलिया बाजार का नाम दिया गया है। संरक्षण के अभाव में यह बाजार खंडहर में बदल गया। एएसआई ने कारवां सराय और बाबर की बावली के संरक्षण के दौरान मुगलिया बाजार का संरक्षण भी शुरू कर दिया। एएसआई वरिष्ठ संरक्षण सहायक मुनज्जर अली के मुताबिक सराय के पास 14 दुकानों के अवशेष मिले हैं। इनका संरक्षण जारी है। जल प्रणाली के साथ ही बाजार का संरक्षण हो जाने के बाद पर्यटक इन्हें देख पाएंगे।
विज्ञापन
मुगल शहंशाह अकबर की राजधानी रही फतेहपुर सीकरी में राजस्थान से आने वाले व्यापारियों के लिए कारवां सराय बनाई गई। सराय के पास ही बाजार विकसित हुआ, जिसे मुगलिया बाजार का नाम दिया गया है। संरक्षण के अभाव में यह बाजार खंडहर में बदल गया। एएसआई ने कारवां सराय और बाबर की बावली के संरक्षण के दौरान मुगलिया बाजार का संरक्षण भी शुरू कर दिया। एएसआई वरिष्ठ संरक्षण सहायक मुनज्जर अली के मुताबिक सराय के पास 14 दुकानों के अवशेष मिले हैं। इनका संरक्षण जारी है। जल प्रणाली के साथ ही बाजार का संरक्षण हो जाने के बाद पर्यटक इन्हें देख पाएंगे।
विज्ञापन