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मोहनपुरा हादसा: बेटी की मौत से मां बेहाल...पिता आईसीयू में भर्ती, डीएम आवास की दीवार में दब गई थी मासूम
Tue, 03 Sep 2024 09:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 03 Sep 2024 09:10 AM IST
सार
आगरा के जिलाधिकारी आवास परिसर की दीवार गिरने से बच्ची की मौत के बाद पूरा परिवार टूट गया है। मां बेहाल है, तो वहीं पिता आईसीयू में भर्ती है।
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मोहनपुरा हादसा के पीड़ित परिवार का फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के जिलाधिकारी आवास परिसर की जर्जर दीवार गिरने से रविवार को 8 साल की आरती की मौत हो गई थी। मां का हाल बेहाल है। पिता चरण सिंह की हालत गंभीर बनी है। वह आईसीयू में हैं। परिवार को सरकारी मदद की आस है।
जिलाधिकारी आवास परिसर के पीछे वाली दीवार रविवार शाम को ढह गई थी। मलबे में समीप मोहल्ले के चरण सिंह, उनकी 8 साल की बेटी आरती, रामवीर और सागर की 8 साल की बेटी तमन्ना दब गए थे। तीनों घायलों का एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में उपचार चल रहा है।
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जिलाधिकारी आवास परिसर के पीछे वाली दीवार रविवार शाम को ढह गई थी। मलबे में समीप मोहल्ले के चरण सिंह, उनकी 8 साल की बेटी आरती, रामवीर और सागर की 8 साल की बेटी तमन्ना दब गए थे। तीनों घायलों का एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में उपचार चल रहा है।
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आरती की मां पूनम ने बताया कि मलबे में पति चरण सिंह और बेटी आरती दबे थे। वह पिता के साथ ठेल से सामान निकालने गई थी। तभी हादसा हो गया। लोगों ने पति को मलबा हटाकर निकाल लिया। मगर, आरती पर ज्यादा मलबा गिरा था। उसे कोई देख नहीं सका। वह बेटी को तलाश रही थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि मलबे में बेटी भी है।
पति चरण सिंह ने कुछ लोगों को अस्पताल ले जाते समय बताया कि बेटी को नहीं निकाला गया है। इस पर लोगों ने मलबा हटाया। मोहल्ले के मानू और विक्की सहित अन्य ने तलाश की। आरती मलबे में दबी मिली। उसे इमरजेंसी लेकर पहुंचे लेकिन मौत हो चुकी थी। बड़ी बहन पायल, लक्ष्मी, इंद्रा और भाई सूरज भी परेशान हैं। वह बहन को याद करते रो रहे हैं।
मदद कर रहीं दो टीमें
डीएम के आदेश पर रात में आरती के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन की टीम ने परिजन के साथ शव का अंतिम संस्कार कराया। वहीं दूसरी टीम घायलों के इलाज के लिए लगाई गई है।
डीएम के आदेश पर रात में आरती के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन की टीम ने परिजन के साथ शव का अंतिम संस्कार कराया। वहीं दूसरी टीम घायलों के इलाज के लिए लगाई गई है।
सरकारी मदद की आस
मूलरूप से तासपुरा, फतेहाबाद निवासी चरण सिंह दो साल से मोहनपुरा में किराये के आवास में रहते हैं। उन्होंने 12 हजार रुपये में ठेल बनवाई थी। चाट बेचते थे। हादसे में बेटी की मौत हो गई, ठेल भी टूट गई। अब परिवार के पास सरकारी मदद का ही सहारा है।
मूलरूप से तासपुरा, फतेहाबाद निवासी चरण सिंह दो साल से मोहनपुरा में किराये के आवास में रहते हैं। उन्होंने 12 हजार रुपये में ठेल बनवाई थी। चाट बेचते थे। हादसे में बेटी की मौत हो गई, ठेल भी टूट गई। अब परिवार के पास सरकारी मदद का ही सहारा है।
लोग बोले, मानकों की अनदेखी
क्षेत्रीय निवासी मोनू पंडित का कहना था कि जिलाधिकारी आवास परिसर की दीवार को मानकों की अनदेखी करके बनाया गया था। 60 फीट लंबी और 7 फीट तक चौड़ी दीवार में सपोर्ट के लिए कोई पिलर नहीं बनवाया गया। शिकायत करने पर कर्मचारी मरम्मत करवाकर चले जाते थे। बारिश में दीवार गिर गई।
क्षेत्रीय निवासी मोनू पंडित का कहना था कि जिलाधिकारी आवास परिसर की दीवार को मानकों की अनदेखी करके बनाया गया था। 60 फीट लंबी और 7 फीट तक चौड़ी दीवार में सपोर्ट के लिए कोई पिलर नहीं बनवाया गया। शिकायत करने पर कर्मचारी मरम्मत करवाकर चले जाते थे। बारिश में दीवार गिर गई।