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सरकारी अस्पताल से गर्भवती को लौटाया, घर में प्रसव के बाद हुई जच्चा-बच्चा की मौत

Tue, 07 Jan 2020 12:19 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 07 Jan 2020 12:19 AM IST
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Mother child died after delivery due to not getting treatment in hospital in mainpuri
सांकेतिक तस्वीर
मैनपुरी के बेवर स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव पीड़िता को भर्ती न किए जाने से दो जानें चली गईं। घर में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ गई। उपचार न मिलने से दोनों की मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम कराया है।
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गांव भैंसरोली निवासी मीरा देवी पत्नी रामरतन कठेरिया को रविवार को दोपहर में प्रसव पीड़ा हुई तो परिवारीजन उन्हें लेकर बेवर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। आरोप है कि यहां तैनात स्टाफ ने मीरा देवी की बिना जांच किए ही खून की कमी बताते हुए भर्ती करने की जगह घर वापस भेज दिया। 
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परिजन मीरा देवी को घर ले आए। रविवार रात में मीरा ने एक बच्ची को जन्म दिया। पैदा होने के कुछ देर बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। सोमवार की सुबह नौ बजे अचानक मीरा देवी की भी हालत बिगड़ गई। परिजन कुछ समझ पाते इससे पहले ही मीरा देवी की मौत हो
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गई। 
 

पुलिस ने कराया शव का पोस्टमार्टम

मृतका ने अपने पहले पति पप्पू कठेरया की मौत के बाद रामरतन के साथ दूसरी शादी की थी। मृतका के पहले पति के पुत्र शिवम की सूचना पर पुलिस ने सोमवार शाम को शव का पोस्टमार्टम कराया। शिवम का आरोप है कि बेवर अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने यदि उसकी मां को भर्ती कर लिया होता तो बच्ची व मां दोनों की जान बच सकती थी। 

सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ स्नोहिल त्रिपाठी ने बताया कि मीरा देवी को स्टाफ नर्स किरन ने जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर किया था। उसके अंदर 6.9 हीमोग्लोबिन ब्लड था। सामान्य प्रसव कराने में जच्चा-बच्चा को खतरा था, इसीलिए रेफर किया गया था। परिजन उसे  घर ले गए इसकी जानकारी नहीं है।

सीएमओ डॉ एके पांडेय ने कहा कि मामला गंभीर है। यदि प्रसव पीड़िता को रेफर किया गया था तो उसे एंबुलेंस क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई। घर पर प्रसव हुआ तो आशा को जानकारी क्यों नहीं हो सकी। कहां चूक हुई है, पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
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