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Health: सिर के पीछे दर्द या फिर फूल रही है सांस, तो हो जाएं सावधान; ये हैं मौत देने वाली बीमारियों के संकेत!
Mon, 18 May 2026 11:35 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 18 May 2026 11:35 AM IST
सार
विशेषज्ञों के अनुसार सुबह उठते ही सिर के पीछे दर्द, चक्कर और सांस फूलना हाई ब्लड प्रेशर के संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लापरवाही करने पर हार्ट अटैक, लकवा और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए नियमित बीपी जांच जरूरी है।
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सिर में तेज दर्द
- फोटो : एआई
विस्तार
यदि सुबह जल्दी जागने पर सिर के पिछले हिस्से में दर्द, सिर भारी लगना, चक्कर आना और सांस फूलती है तो ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में रक्तचाप की जांच जरूर कराएं। लापरवाही पर कार्डिएक अरेस्ट और लकवा का खतरा रहता है। ज्यादा नमक, धूम्रपान, खराब दिनचर्या से युवाओं में भी हाइपरटेंशन बढ़ रहा है। विशेषज्ञ इस बीमारी को साइलेंट किलर भी मानते हैं।
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हाइपरटेंशन से हृदय, किडनी, नसों की भी बीमारी
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि हाइपरटेंशन की बीमारी कब जानलेवा हो जाए, मरीज को पता नहीं चलता। इससे हृदय रोग, किडनी, नसों की बीमारियां भी मिल रही हैं। इलाज कराने आने वाले कई मरीजों की जांच में हाइपरटेंशन की परेशानी मिल रही है। कई ने लक्षणों को नजरअंदाज भी किया।
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि हाइपरटेंशन की बीमारी कब जानलेवा हो जाए, मरीज को पता नहीं चलता। इससे हृदय रोग, किडनी, नसों की बीमारियां भी मिल रही हैं। इलाज कराने आने वाले कई मरीजों की जांच में हाइपरटेंशन की परेशानी मिल रही है। कई ने लक्षणों को नजरअंदाज भी किया।
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करें ये उपाय
- नमक का उपयोग रोजाना के मुकाबले आधा करें।
- धूम्रपान, तंबाकू की लत छोड़ दें, चाय-काफी अधिक न पीएं।
- तला हुआ भोजन, मीठा-नमकीन सीमित करें, फास्टफूड से पेट न भरें।
- बीपी मरीज बिना डॉक्टरी परामर्श के दवाएं बंद न करें।
- मरीज सुबह जागने, शाम और सोने से पहले बीपी जरूर मांपें, अनियंत्रित होने पर परामर्श लें।
- घर से बाहर जा रहे हैं तो दवाएं साथ लेकर जाएं।
- नमक का उपयोग रोजाना के मुकाबले आधा करें।
- धूम्रपान, तंबाकू की लत छोड़ दें, चाय-काफी अधिक न पीएं।
- तला हुआ भोजन, मीठा-नमकीन सीमित करें, फास्टफूड से पेट न भरें।
- बीपी मरीज बिना डॉक्टरी परामर्श के दवाएं बंद न करें।
- मरीज सुबह जागने, शाम और सोने से पहले बीपी जरूर मांपें, अनियंत्रित होने पर परामर्श लें।
- घर से बाहर जा रहे हैं तो दवाएं साथ लेकर जाएं।