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UP: एडीए की सीमा में खड़ी हो गई 600 से अधिक अवैध कॉलोनियां, ऐसे फंसा रहे दलाल; सोच समझकर खरीदें

Fri, 19 Jul 2024 01:03 PM IST
धीरेन्द्र सिंह देश दीपक तिवारी, आगरा
देश दीपक तिवारी, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 19 Jul 2024 01:03 PM IST
सार

घर खरीदने का सपना कहीं आपको बड़ी मुसीबत में न डाल दे। आगरा में यदि कोई मकान नई कॉलोनी में खरीदने की सोच रहे हैं, तो जरा समझदारी के साथ आगे बढ़ें। क्योंकि एडीए की सीमा में  600 से अधिक अवैध कॉलोनियां खड़ी हो गई हैं, जिन पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है। 

 

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More than 600 illegal colonies have come up within the ADA limits buy wisely
ताजगंज क्षेत्र में अवैध कॉलोनी में ध्वस्त करता बुलडोजर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किसी की जमीन, किसी का ईंट-रोड़ा। नकली नक्शा, उसमें चौड़ी-चौड़ी सड़कें, पार्क से लेकर 24 घंटे बिजली-मीठा पानी की सुविधा का झूठा प्रलोभन। इस तरह खड़ी हो रहीं अवैध कॉलोनियां, जिनमें जमीन का भाव सोने से भी महंगा है। एक ग्राम सोने की कीमत करीब 7500 रुपये हैं। जबकि इन अवैध कॉलोनियों में जमीन की कीमत 10 से 15 हजार रुपये प्रति वर्ग गज है।
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यह तो अवैध कॉलोनियों का हाल है। जिनका न नक्शा पास है, न सुविधाओं की कोई गारंटी। नियोजित विकास का मखौल उड़ा रही हैं। वहीं, एडीए एप्रूव्ड कॉलोनियों में जमीन खरीदने की इजाजत मध्यम आय वर्ग की जेब नहीं दे रही। यहां जमीन 25 से 40 हजार रुपये एक वर्ग गज है।
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सोने की बढ़ती कीमतों के कारण लोग सोने से ज्यादा जमीन को महत्व दे रहे हैं। अपना घर बनाने का ख्वाब पूरा करने के लिए। मेहनत की गाढ़ी कमाई से जिंदगीभर जो लोग 100 ग्राम सोना नहीं खरीद पाए, जिसकी कीमत 7.50 लाख रुपये है। ऐसे में एक अदद मकान की जरूरत पूरा करने के लिए उन्हें सोने से महंगी जमीन अवैध कॉलोनियों में खरीदनी पड़ रही है। जहां 100 वर्ग गज जमीन के लिए उन्हें 10 से 15 लाख रुपये के लिए जमापूंजी व कर्ज तक लेना पड़ता है।
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मास्टर प्लान 2021 के अनुसार आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) सीमा में 1056 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल है। जिसमें नगर निगम सहित 20 लाख से अधिक आबादी रहती है। अधिकारियों की ‘सेवा’ से बिल्डर, नेता और व्यापारी पिछले सात सालों में 664 से अधिक अवैध कॉलोनियां खड़ी कर चुके हैं। चंगुल में फंसा दलाल सोने के भाव अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने बेचने पर चांदी के भाव में कमीशन तक ले रहे हैं। हैरत की बात यह है कि 144 अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चल चुका है। इनमें हुए निर्माण ध्वस्त हो चुके हैं। अवैध कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण के बाद भी खरीद-फरोख्त और निर्माण नहीं रुक रहे। एडीए अध्यक्ष व मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी बार-बार बैठकों में ध्वस्तीकरण के निर्देश दे रही हैं फिर भी अवैध कॉलोनियों का जंजाल खत्म नहीं हो पा रहा।
 

पॉश इलाकों में सर्किल रेट ज्यादा
पॉश कॉलोनियों व प्रमुख बाजार व सड़क मार्गों पर सर्किल रेट भी औसतन 50 से 75 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है। यानी 100 वर्ग मीटर जमीन की सरकारी माल्कियत 50 से 75 लाख रुपये तक है। जिसकी रजिस्ट्री पर 6 से 7 प्रतिशत स्टांप शुल्क चुकाना पड़ता है। पिछले सात साल में खड़ी अवैध कॉलोनियों में सर्किल रेट भी निर्धारित नहीं हैं। यही हाल 2017 के बाद बनीं एडीए एप्रूव्ड कॉलोनियां व नए सड़क मार्गों पर स्थित भूमि का है।
 
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