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मथुराः बंदरों ने आश्रम के कर्मचारी पर हमला किया, प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
Mon, 19 Aug 2019 07:50 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 19 Aug 2019 07:50 PM IST
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साधुमाई आश्रम में बंदरों के हमले से घायल कर्मचारी विश्वनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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रंगजी बगीचा के निकट साधु माई आश्रम के एक कर्मचारी पर बंदरों ने हमला कर कई जगह काट लिया। खून से लथपथ कर्मचारी को उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए। आश्रम के महंत एवं कर्मचारियों में जिला प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
सोमवार दोपहर साधुमाई आश्रम में कर्मचारी विश्वनाथ (55) प्रसाद पाने के लिए रसोई की तरफ जा रहा था। तभी करीब 30-40 बंदरों ने उस पर हमला कर दिया। बंदरों ने उसे जमीन में गिरा लिया और उसके पीठ, पेट, पैर और हाथ पर काट लिया।
शोर सुनकर आश्रम के अन्य कर्मचारी उसके पास पहुंचे और लाठियां लेकर उसे बचाया। जगह-जगह से खून निकलने पर कर्मचारी घायल विश्वनाथ को निजी अस्पताल ले गए।
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सोमवार दोपहर साधुमाई आश्रम में कर्मचारी विश्वनाथ (55) प्रसाद पाने के लिए रसोई की तरफ जा रहा था। तभी करीब 30-40 बंदरों ने उस पर हमला कर दिया। बंदरों ने उसे जमीन में गिरा लिया और उसके पीठ, पेट, पैर और हाथ पर काट लिया।
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शोर सुनकर आश्रम के अन्य कर्मचारी उसके पास पहुंचे और लाठियां लेकर उसे बचाया। जगह-जगह से खून निकलने पर कर्मचारी घायल विश्वनाथ को निजी अस्पताल ले गए।
आश्रम के महंत राधिका प्रसाद ब्रह्मचारी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बंदरों के उत्पात के कारण लाखों रुपये खर्च कर आश्रम को लोहे की जाली से बंद किया है।
आश्रम से बाहर निकलने पर ही बंदर हमला कर रहे हैं। सांसद हेमा मालिनी ने चुनाव से पूर्व बंदरों की समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिलाया था। लेकिन चुनाव जीतने के बाद इस समस्या का निदान नहीं हुआ।
आश्रम से बाहर निकलने पर ही बंदर हमला कर रहे हैं। सांसद हेमा मालिनी ने चुनाव से पूर्व बंदरों की समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिलाया था। लेकिन चुनाव जीतने के बाद इस समस्या का निदान नहीं हुआ।