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UP: एटा के मारहरा में 4 दिन से चारपाई में फंसा था बंदर, निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पाए लोग; ऐसे किया रेस्क्यू
Mon, 02 Sep 2024 12:56 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 02 Sep 2024 12:56 PM IST
सार
एटा के कस्बा मारहरा में एक बंदर चार दिनों से चारपाई में फंसा हुआ था। क्षेत्रीय लोग उसे चाहते हुए भी नहीं निकाल पा रहे थे। वजह है उसके आसपास मौजूद बंदरों का झुंड़, जिसकी वजह से लोग चारपाई तक नहीं पहुंच पाए। चार दिन बाद उसका रेस्क्यू किया गया।
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बंदर किया रेस्क्यू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एटा के मारहरा कस्बा के मोहल्ला कम्बोह दक्षिणी में एक बंदर का बच्चा चारपाई की रस्सी में फंस गया। बंदरों का झुंड लगातार वहां बना रहा और लोग उसके पास नहीं जा सके। इसके चलते चार दिन तक वो फंसा रहा। रविवार को गोरक्षा वाहिनी ने योजनावद्ध तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए बंदरों को भगाकर बच्चे को निकाला।
29 अगस्त को बंदर का बच्चा छत पर पड़ी चारपाई पर खेलते समय इसकी रस्सियों में बुरी तरह फंस गया था। इसके बाद वहां दर्जनों की संख्या में बंदरों का जमघट लग गया। कोई भी मौके पर जाकर बंदर के बच्चे को निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। एक-एक कर तीन दिन गुजर गए। चौथे दिन रविवार को इसकी सूचना गोरक्षा वाहिनी को मिली, तो टीम के सदस्य मौके पर पहुंचे।
टीम के लोगों ने सबसे पहले वहां एकत्रित बंदरों को भगाया और आसपास की छतों पर लाठियां लेकर खड़ा कर दिया। जिससे कि रेस्क्यू दौरान बंदर हमला न कर दें। इसके बाद रस्सी में फंसे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में उसको दूध आदि दिया और मुक्त कर दिया। सोनू शर्मा, शशांक यादव, जीतू, शादाब, बसंत कुमार, विजय राजपूत टीम में शामिल रहे।
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29 अगस्त को बंदर का बच्चा छत पर पड़ी चारपाई पर खेलते समय इसकी रस्सियों में बुरी तरह फंस गया था। इसके बाद वहां दर्जनों की संख्या में बंदरों का जमघट लग गया। कोई भी मौके पर जाकर बंदर के बच्चे को निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। एक-एक कर तीन दिन गुजर गए। चौथे दिन रविवार को इसकी सूचना गोरक्षा वाहिनी को मिली, तो टीम के सदस्य मौके पर पहुंचे।
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टीम के लोगों ने सबसे पहले वहां एकत्रित बंदरों को भगाया और आसपास की छतों पर लाठियां लेकर खड़ा कर दिया। जिससे कि रेस्क्यू दौरान बंदर हमला न कर दें। इसके बाद रस्सी में फंसे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में उसको दूध आदि दिया और मुक्त कर दिया। सोनू शर्मा, शशांक यादव, जीतू, शादाब, बसंत कुमार, विजय राजपूत टीम में शामिल रहे।
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