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एक्सक्लूसिव: एमएलसी चुनाव में खर्च की सीमा निर्धारित नहीं, प्रत्याशियों को नहीं देना होगा ब्योरा
Wed, 18 Nov 2020 11:32 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 18 Nov 2020 11:32 AM IST
सार
- एमएलसी चुनाव लड़ने के लिए प्रत्येक प्रत्याशियों ने दस हजार रुपये जमानत राशि जमा कराई है
- अनुसूचित जाति व जनजाति के उम्मीदवार के लिए जमानत राशि पांच हजार रुपये है
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एमएलसी चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विधान परिषद की स्नातक व शिक्षक चुनाव प्रक्रिया में प्रत्याशियों को भरपूर खर्च की छूट है। आयोग से चुनाव में खर्च की कोई सीमा तय नहीं की गई। ऐसे में प्रत्याशियों को आय-व्यय व खर्च का कोई हिसाब भी नहीं देना पड़ेगा। ये खुलासा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी से हुआ है।
इटावा निवासी हरि किशोर तिवारी ने जन सूचना अधिकार के तहत आयोग से चुनाव खर्च की सीमा पूछी थी। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने जवाब में बताया कि विधान परिषद की स्नातक चुनाव प्रक्रिया में खर्च होने वाली धनराशि की सीमा निर्धारित नहीं है। आगरा क्षेत्र की सीटों के रिर्टनिंग ऑफिसर आयुक्त अनिल कुमार ने कहा कि विधान परिषद प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का कोई ब्योरा नहीं देना पड़ेगा।
10 हजार जमानत राशि
एमएलसी चुनाव लड़ने के लिए प्रत्येक प्रत्याशियों ने दस हजार रुपये जमानत राशि जमा कराई है। अनुसूचित जाति व जनजाति के उम्मीदवार के लिए जमानत राशि पांच हजार रुपये है।
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इटावा निवासी हरि किशोर तिवारी ने जन सूचना अधिकार के तहत आयोग से चुनाव खर्च की सीमा पूछी थी। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने जवाब में बताया कि विधान परिषद की स्नातक चुनाव प्रक्रिया में खर्च होने वाली धनराशि की सीमा निर्धारित नहीं है। आगरा क्षेत्र की सीटों के रिर्टनिंग ऑफिसर आयुक्त अनिल कुमार ने कहा कि विधान परिषद प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का कोई ब्योरा नहीं देना पड़ेगा।
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10 हजार जमानत राशि
एमएलसी चुनाव लड़ने के लिए प्रत्येक प्रत्याशियों ने दस हजार रुपये जमानत राशि जमा कराई है। अनुसूचित जाति व जनजाति के उम्मीदवार के लिए जमानत राशि पांच हजार रुपये है।
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चार पर्चे वापस, शिक्षक में 16 व स्नातक में 22 प्रत्याशी
नाम वापसी के दिन मंगलवार को शिक्षक सीट से एक और स्नातक सीट से तीन प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र वापस लिए हैं। अब शिक्षक सीट पर 16 और स्नातक सीट पर 22 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। एक दिसंबर को मतदान होगा।
विधान परिषद की स्नातक खंड सीट के लिए 25 नामांकन हुए थे। छिबरामऊ कन्नौज की निर्दलीय गीता, इटावा के अश्वनी सिंह और इटावा की मधु तिवारी ने मंगलवार को अपना नाम वापस ले लिया।
अब यहां 22 प्रत्याशी हैं। शिक्षक सीट पर 17 उम्मीदवार थे। इनमें अलीगढ़ से निर्दलीय प्रत्याशी निपेंद्र सिंह द्वारा नाम वापस लेने से अब 16 प्रत्याशी बचे हैं। अपराह्न तीन बजे तक चार प्रत्याशियों ने नाम वापस लेने के बाद दोनों सीट पर 38 अंतिम प्रत्याशियों की सूची नामांकन कक्ष के बाहर चस्पा कर दी गई।
10वीं पास कैसे बन गया इंजीनियर साहब...
स्नातक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी ने हम नाम उम्मीदवार के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा जिसकी योग्यता 10वीं पास है वह ‘इंजीनियर साहब’ कैसे बन गया। नामांकन खारिज किया जाए। इस संबंध में रिर्टनिंग आफिसर व आयुक्त अनिल कुमार ने कहा कि मैं इस संबंध में कुछ नहीं बता सकता। जो आपत्ति पर सुनवाई के बाद विस्तृत निर्णय पारित किया जाता है।
‘वित्तविहीन वाले’ कैसे लिख दिया
शिक्षक सीट से सपा प्रत्याशी हेवेंद्र सिंह उर्फ हऊआ चौधरी और भाजपा प्रत्याशी की तरफ से चुनाव अभिकर्ता राज कुमार उपाध्याय ने निर्दलीय शिक्षक प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल के नाम के आगे वित्तविहीन वाले लिखने पर आपत्ति जताई। पर्चा खारिज करने की मांग की गई।
कल आचार संहिता पर बैठक
सहायक रिर्टनिंग आफिसर एवं अपर आयुक्त प्रशासन साहब सिंह ने बताया 19 नवंबर को सुबह 10 बजे आदर्श आचार संहिता के संबंध में सभी प्रत्याशियों की बैठक होगी।
नाम वापसी के दिन मंगलवार को शिक्षक सीट से एक और स्नातक सीट से तीन प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र वापस लिए हैं। अब शिक्षक सीट पर 16 और स्नातक सीट पर 22 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। एक दिसंबर को मतदान होगा।
विधान परिषद की स्नातक खंड सीट के लिए 25 नामांकन हुए थे। छिबरामऊ कन्नौज की निर्दलीय गीता, इटावा के अश्वनी सिंह और इटावा की मधु तिवारी ने मंगलवार को अपना नाम वापस ले लिया।
अब यहां 22 प्रत्याशी हैं। शिक्षक सीट पर 17 उम्मीदवार थे। इनमें अलीगढ़ से निर्दलीय प्रत्याशी निपेंद्र सिंह द्वारा नाम वापस लेने से अब 16 प्रत्याशी बचे हैं। अपराह्न तीन बजे तक चार प्रत्याशियों ने नाम वापस लेने के बाद दोनों सीट पर 38 अंतिम प्रत्याशियों की सूची नामांकन कक्ष के बाहर चस्पा कर दी गई।
10वीं पास कैसे बन गया इंजीनियर साहब...
स्नातक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी ने हम नाम उम्मीदवार के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा जिसकी योग्यता 10वीं पास है वह ‘इंजीनियर साहब’ कैसे बन गया। नामांकन खारिज किया जाए। इस संबंध में रिर्टनिंग आफिसर व आयुक्त अनिल कुमार ने कहा कि मैं इस संबंध में कुछ नहीं बता सकता। जो आपत्ति पर सुनवाई के बाद विस्तृत निर्णय पारित किया जाता है।
‘वित्तविहीन वाले’ कैसे लिख दिया
शिक्षक सीट से सपा प्रत्याशी हेवेंद्र सिंह उर्फ हऊआ चौधरी और भाजपा प्रत्याशी की तरफ से चुनाव अभिकर्ता राज कुमार उपाध्याय ने निर्दलीय शिक्षक प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल के नाम के आगे वित्तविहीन वाले लिखने पर आपत्ति जताई। पर्चा खारिज करने की मांग की गई।
कल आचार संहिता पर बैठक
सहायक रिर्टनिंग आफिसर एवं अपर आयुक्त प्रशासन साहब सिंह ने बताया 19 नवंबर को सुबह 10 बजे आदर्श आचार संहिता के संबंध में सभी प्रत्याशियों की बैठक होगी।