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Agra News: विधायक छोटेलाल ने चार बार फतह किया फतेहाबाद

Fri, 25 Sep 2026 03:20 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 03:20 AM IST
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MLA Chhotelal won Fatehabad four times.
छोटेलाल वर्मा - फोटो : Archive
आगरा। फतेहाबाद से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा छोटे कद के बड़े नेताओं में शुमार थे। वह इकलौते ऐसे नेता थे, जिन्होंने चार बार फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र का सियासी दुर्ग फतह किया। उनका निषाद बिरादरी के साथ-साथ बघेल और लोधी मतदाताओं के बीच भी अच्छा प्रभाव था। पिछड़ा वर्ग के नेताओं में उनकी गिनती होती थी।
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छोटेलाल वर्मा ने बूथ स्तर से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। उन्होंने 33 साल के सियासी सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे। वर्ष 1993 में उन्होंने जनता दल का वर्चस्व खत्म कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद वह तीन बार चुनाव हारे, लेकिन हर हार से और मजबूत होकर उभरे। वर्ष 2002 में वह दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2007 में भाजपा से टिकट न मिलने पर वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए, पर चुनाव हार गए। वर्ष 2009 में बसपा में शामिल होकर दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बने। वर्ष 2012 में बसपा के टिकट पर 699 वोट से जीतकर तीसरी बार विधायक बने। वर्ष 2017 में समाजवादी पार्टी से हारने के बाद, भाजपा ने 2022 में उन्हें फिर टिकट दिया और वह चौथी बार विधायक चुने गए।
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अक्खड़ और निडर छवि
समर्थकों के बीच छोटेलाल वर्मा ''''बाबूजी'''' के नाम से मशहूर थे। उनकी छवि एक अक्खड़ और निडर राजनेता की थी। वह अपने समर्थकों और विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए किसी से भी भिड़ने से नहीं डरते थे। अधिकारियों से लेकर शासन स्तर तक वह लगातार दौड़ लगाते थे। ग्रामीणों को अपनी गाड़ी में बैठाकर अधिकारियों के पास ले जाते थे। कई बार अधिकारियों से उनकी तीखी बहस भी हो जाती थी, पर वह गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए खड़े रहते थे।
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सांसद राजकुमार चाहर के खेवनहार
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सांसद राजकुमार चाहर की जीत में उनकी अहम भूमिका रही। ठाकुर वोट कांग्रेस के रामनाथ सिकरवार के साथ लामबंद हो गया था। विधायक चौधरी बाबूलाल के बेटे रामेश्वर चौधरी के चुनाव लड़ने से जाट वोट बंट गया। ऐसे में छोटेलाल वर्मा ने निषाद, बघेल और लोध क्षेत्र से वोट दिलाए। उन्होंने राजकुमार चाहर की सियासी नैया पार लगाई और वह कम अंतर से चुनाव जीत गए।

नेताओं ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सामाजिक माध्यम के जरिये दुख जताया और परिजनों से संवेदनाएं व्यक्त कीं। जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया और अन्य पदाधिकारी उनके घर पर मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल और सांसद राजकुमार चाहर ने भी शोक जताया। विधानसभा चुनाव अगले छह महीने के भीतर संभावित हैं।


उपचुनाव होना मुश्किल
किसी विधायक के निधन के छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाता है। चूंकि मौजूदा समय में विधानसभा चुनाव ही अगले छह महीने के भीतर संभावित हैं। ऐसे में उनके निधन से रिक्त हुई सीट पर उपचुनाव होना संभव नहीं लग रहा है।

छोटेलाल वर्मा

छोटेलाल वर्मा- फोटो : Archive

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