Agra: अवैध वसूली के आरोप में खनन निरीक्षक निलंबित, खनिज वाहनों पर कार्रवाई की आड़ में करते थे 'खेल'
आगरा में खनन माफिया से सांठगांठ और अवैध वसूली के आरोप में खनन निरीक्षक पूनाराम अहाके को निलंबित कर दिया गया है।प्रवर्तन टीम की जांच में अवैध वसूली का खुलासा हुआ था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
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आगरा में राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले अवैध खनिज वाहनों पर कार्रवाई की आड़ में वसूली के आरोप में खनन निरीक्षक पूनाराम अहाके को निलंबित कर दिया गया है। वसूली के खेल का खुलासा 27 मई की रात में भूतत्व एवं खनिज कर्म विभाग के निदेशालय की प्रवर्तन टीम की जांच में हुआ था। इसके बाद खनन निरीक्षक पर गाज गिरी है।
वाहन चालकों से हुई पूछताछ में इस बात की पुष्टि हुई है कि खनिज विभाग के अधिकारी इसके नाम पर रकम लेते हैं। उधर, निदेशालय के टीम की जांच में दोषी पाए जाने पर खनन निरीक्षक पूनाराम अहाके को निदेशक रोशन जैकब ने निलंबित कर मामले में जांच बैठा दी है। जांच की जिम्मेदारी संयुक्त निदेशक अमित कौशिक को सौंपी गई है।
खनिज वाहनों के अवैध संचालन पर लगेगी रोक
आगरा में सीमांत राज्य राजस्थान एवं मध्य प्रदेश से अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक के लिए ग्वालियर मार्ग पर सैंया के पास टोल स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 50 लाख रुपये का बजट मिल चुका है। टोल स्थापित करने का जिम्मा यूपी डेस्को को सौंपा गया है। सब कुछ ठीक रहा तो जून में टोल स्थापित करने का कार्य शुरू हो जाएगा।
ग्वालियर एवं राजस्थान से प्रतिदिन तकरीबन 300 से अधिक अवैध खनिज वाहन जिले की सीमा से होकर गुजरते हैं। दूसरे राज्यों से आने वाले अधिकांश खनिज वाहनों में उस राज्य के परिवहन प्रपत्र एवं यूपी का ट्रांजिट पास नहीं पाए जाते हैं। ऐसे वाहनों के खिलाफ हुई कार्रवाई के आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल माह में 120 और मई माह में ई- चालान सहित 74 वाहनों का चालान किया गया है। आरोप है कि इनके पास राज्य के परिवहन प्रपत्र एवं आईएसटीपी जांच में नहीं मिला।
टोल से रुकेगा अवैध संचालन
एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए ग्वालियर मार्ग पर सैंया में टोल स्थापित किया जाएगा। इसके लिए यूपी डेस्को को जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य के परिवहन प्रपत्र एवं ट्रांजिट पास नहीं पाए जाने पर मई माह में 54 बड़े ट्रकों का चालान किया गया है। इसके अलावा 20 ट्रकों का ऑनलाइन चालान हुआ है। टोल स्थापित होने के बाद अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण होगा।