Mig-29 Crash: अपनी जान की नहीं... पायलट को ये थी फिक्र, ग्रामीणों से पूछा- आबादी से दूर गिरा है क्या विमान
मिग-29 क्रैश होने के बाद पायलट जब पैराशूट से जमीन पर उतरे तो ग्रामीण उन तक पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि पायलट ने सबसे पहले पूछा कि क्या विमान आबादी से दूर गिरा है। इसके बाद जगह और गांव का नाम पूछा।
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आगरा में कागारौल के गांव बघा सोनिगा वायु सेना का विमान मिग-29 दुर्घटनाग्रस्त हुआ। एयरफोर्स के 28वीं स्क्वाड्रन के लड़ाकू विमान मिग-29 को उड़ा रहे विंग कमांडर मनीष मिश्रा ने हजारों लोगों की जिंदगी बचा ली। ढाई किमी दूर उन्होंने विमान के गिरने से पहले खुद को इजेक्ट किया और पैराशूट की मदद से कूद गए।
सबसे पहले ग्रामीणों से पूछा ये सवाल
मिग-29 के पायलट विंग कमांडर मनीष मिश्रा ने पैराशूट से खेत में उतरने पर सबसे पहला सवाल ग्रामीणों से पूछा कि आबादी से दूर गिरा है क्या विमान? विंग कमांडर के पैराशूट से नीचे आने के बाद उन्हें चोट लग गई थी। विमान गिरने और पैराशूट से नीचे उतरता देख ग्रामीणों ने उनके पास दौड़ लगा दी। पायलट को ग्रामीणों ने पेड़ के नीचे चारपाई पर बैठाया। उन्होंने पहले गांव का नाम पूछा। विमान आबादी पर तो नहीं गिरा, इस बारे में जानकारी की।
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यह दावा किसान रूप सिंह ने किया। रूप सिंह ने बताया कि वह खेत में थे, तभी पायलट को नीचे आता देखा। दौड़कर पहुंचे और बात करने का प्रयास किया। विंग कमांडर मनीष मिश्रा के जी-सूट पर बंधी बेल्ट और अन्य चीजों को खोला। विंग कमांडर ने उन्हें बताया कि कोई गंभीर चोट नहीं है। उन्होंने गांव का नाम पूछा और जाना कि कोई चपेट में तो नहीं आया। उनसे पांच मिनट तक ग्रामीणों की बात हुई।
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ग्रामीण हरेंद्र सिंह ने बताया कि शाम 4:30 बजे गिरते ही विमान में आग लग गई थी, जो 2 घंटे तक लगी रही। बाद में देर रात तक विमान सुलगता रहा और धुआं उठता रहा। गांव के लोगों ने भी आग पर मिट्टी डालकर बुझाने का प्रयास किया, लेकिन धमाके की आवाज के बाद सब दूर हट गए।