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Mig-29 Crash: विमान गिरने के बाद हुआ ऐसा धमाका...दहल गए दिल, चार किसान बाल-बाल बचे
Wed, 06 Nov 2024 09:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 06 Nov 2024 09:06 AM IST
सार
जिस खेत में मिग-29 गिरा उस समय ट्यूबवेल पर चार किसान काम कर रहे थे। इन किसानों से महज 10 फीट की दूरी पर विमान गिरा। किसानों ने बताया कि इतनी तेज धमाका हुआ, जिससे दिल दहल गया।
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Mig-29 crash
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में जिस समय आसमान से 17.3 मीटर लंबाई वाला मिग-29 किसान बॉबी चाहर के खेत में गिरा, पास में माइनर से सटे ट्यूबवेल पर चार किसान काम कर रहे थे। तीन हजार फीट की ऊंचाई से गिरा मिग-29 उन किसानों से महज 10 फीट की दूरी पर था। चारों किसान बाल-बाल बचे। धमाके से उनके दिल दहल गए। पूरी रात वह दहशत में रहे।
बघा सोनिगा के किसान बॉबी चाहर ने बताया कि शाम 4:30 बजे वह मोनू और नेहने के साथ ट्यूबवेल पर काम कर रहे थे। बोरिंग में वह तीनों अंदर थे और ऊपर गौरव खड़े थे। तभी तेज धमाके के साथ विमान जमीन से टकराया। उनके और विमान के बीच केवल 10 फीट की माइनर थी। धमाके से चारों के दिल दहल गए और दूसरी ओर खेतों की ओर भागे। चंद सेकेंड में ही विमान में धमाके के बाद आग लग गई। इसकी लपटों से माइनर के पास लगे पेड़ के पत्ते झुलस गए। बॉबी चाहर ने बताया कि पूरी रात उन्हें दहशत रही। विमान के गिरने से हुए धमाके की आवाज उनके कानों में रातभर गूंजती रही।
ये भी पढ़ें - Mig-29 Crash: एक नहीं, दो मिग-29 का था साथ-साथ अभ्यास...दूसरा आगे निकल गया
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बघा सोनिगा के किसान बॉबी चाहर ने बताया कि शाम 4:30 बजे वह मोनू और नेहने के साथ ट्यूबवेल पर काम कर रहे थे। बोरिंग में वह तीनों अंदर थे और ऊपर गौरव खड़े थे। तभी तेज धमाके के साथ विमान जमीन से टकराया। उनके और विमान के बीच केवल 10 फीट की माइनर थी। धमाके से चारों के दिल दहल गए और दूसरी ओर खेतों की ओर भागे। चंद सेकेंड में ही विमान में धमाके के बाद आग लग गई। इसकी लपटों से माइनर के पास लगे पेड़ के पत्ते झुलस गए। बॉबी चाहर ने बताया कि पूरी रात उन्हें दहशत रही। विमान के गिरने से हुए धमाके की आवाज उनके कानों में रातभर गूंजती रही।
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घूंघट कर विमान देखने आईं महिलाएं
बघा सोनिगा के आसपास के गांव और कागारौल के साथ अकोला कस्बे की महिलाएं समूह में खेत में गिरे मिग-29 का मलबा देखने पहुंचीं। घूंघट में पहुंचीं महिलाओं के आने का क्रम शाम तक बरकरार रहा। उनके साथ आसपास के बच्चे और बुजुर्ग भी लड़ाकू विमान का मलबा देखने के लिए पहुंचे।
ये भी पढ़ें - Mig-29 Crash: मिग-29 हादसे का सच...तीन जांच कमेटियां जुटा रहीं जानकारी, आखिर क्या हुआ था
बघा सोनिगा के आसपास के गांव और कागारौल के साथ अकोला कस्बे की महिलाएं समूह में खेत में गिरे मिग-29 का मलबा देखने पहुंचीं। घूंघट में पहुंचीं महिलाओं के आने का क्रम शाम तक बरकरार रहा। उनके साथ आसपास के बच्चे और बुजुर्ग भी लड़ाकू विमान का मलबा देखने के लिए पहुंचे।
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खेत में बनाया अस्थायी शिविर
मिग-29 के दुर्घटनास्थल पर एयरफोर्स ने दो टेंट लगाकर अस्थायी शिविर बना दिया है। यहां एयरफोर्स के जवान, सेना पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस को भी तैनात किया गया है। विमान के चारों ओर बैरिकेडिंग कर प्रवेश रोक दिया गया है। रात में एयरफोर्स के जवानों ने बैलून लाइट के जरिए पुर्जों की तलाश शुरू की थी। मंगलवार को दिन में एयरफोर्स स्टेशन से यहां तैनात जवानों के लिए नाश्ता, भोजन, पानी आदि आता रहा।
मिग-29 के दुर्घटनास्थल पर एयरफोर्स ने दो टेंट लगाकर अस्थायी शिविर बना दिया है। यहां एयरफोर्स के जवान, सेना पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस को भी तैनात किया गया है। विमान के चारों ओर बैरिकेडिंग कर प्रवेश रोक दिया गया है। रात में एयरफोर्स के जवानों ने बैलून लाइट के जरिए पुर्जों की तलाश शुरू की थी। मंगलवार को दिन में एयरफोर्स स्टेशन से यहां तैनात जवानों के लिए नाश्ता, भोजन, पानी आदि आता रहा।