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फिरोजाबादः मिड-डे मील जांच में गायब मिले आधे छात्र, 'गुरुजी' भेज रहे थे 90 प्रतिशत हाजिरी

Fri, 27 Sep 2019 10:50 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 10:50 AM IST
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mid day meal scam
परिषदीय स्कूल के बच्चों के लिए मिड डे मील सिर्फ योजना ही बनकर रह गई है। गुरुजी अभिलेखों में दिखाते रहे कि 99 प्रतिशत बच्चों ने एमडीएम खाया है। मगर जांच हुई तो 50 प्रतिशत बच्चे भी विद्यालय में उपस्थित नहीं थे।
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बीते दिनों बीएसए ने स्कूलों का निरीक्षण किया था। प्राइमरी नगला पचिया और आसफाबाद में घोटाला पकड़ा गया है। प्राइमरी स्कूल नगला पचिया के एमडीएम रजिस्टर में प्रधानाध्यापिका सुनीता यादव ने दो से 17 सितंबर तक 800 से ऊपर छात्र संख्या अंकित की है। जबकि विद्यालय में 715 छात्र-छात्राएं ही पंजीकृत हैं। 18 सितंबर को बीएसए ने निरीक्षण किया था तो छात्र संख्या 273 मिली। प्रधानाध्यापिका ने मौखिक रूप से 612 बच्चे उपस्थित बताए थे। बीएसए ने यूईआरसी को नियमित निरीक्षण करने के लिए निर्देश दिए थे। जब वो पहुंचे तो सोमवार को 303, मंगलवार को 309 और बुधवार को 184 छात्र ही उपस्थित मिले थे।
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प्राइमरी स्कूल आसफाबाद के प्रधानाध्यापक मोहसिन अब्बास ने विद्यालय में छात्र संख्या 1220 कार्यालय में दी थी। सितंबर माह में मिड डे मील की वेबसाइट पर छात्र संख्या 826 दर्शाई गई। बीएसए के आदेश पर यूईआरसी ने निरीक्षण किया। इसमें सोमवार को छात्र संख्या 584 उपस्थित मिली। मंगलवार को 613 और बुधवार को 688 छात्र संख्या पाई गई। यानि अधिक छात्र संख्या दिखाकर बच्चों के भोजन देने के नाम पर गुरुजी घोटाला कर रहे हैं। नगर क्षेत्र में कुछ शिक्षकों ने एनजीओ से एमडीएम वितरण कराने का मुद्दा उठाया था। मगर जिन स्कूलों में छात्र संख्या अधिक थी, वह शिक्षक
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एमडीएम एनजीओ को देने में तैयार नहीं हुए।

एमडीएम के चक्कर में कई स्कूलों में चार्ज की लड़ाई चल रही है। शिक्षाधिकारी अपने चहेतों को ही चार्ज दिलाने को अपनी नौकरी तक दांव पर लगा देते हैं। विभागीय लोगों के मुताबिक एमडीएम शिक्षाधिकारियों की कमाई का जरिया बना हुआ है। बचत की तय राशि शिक्षाधिकारियों तक पहुंचती है।

दो स्कूलों में छात्र संख्या 90 प्रतिशत से ऊपर तक दिखा दी है। बीएसए के आदेश पर नियमित जांच करा रहे हैं तो छात्र संख्या 50 प्रतिशत से कम दिख रही है। ऐसे में कहीं न कहीं घोटाले की आशंका है। हम रिपोर्ट बनाकर बीएसए को देंगे। -श्रीकांत पटेल, नगर शिक्षाधिकारी
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