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Agra Metro: मेट्रो ने घटाई मशीनों की संख्या...इसलिए उठाया कदम, अलगे महीने पूरा होगा आईएसबीटी स्टेशन
Mon, 24 Nov 2025 08:35 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 24 Nov 2025 08:35 PM IST
सार
आगरा में मेट्रो के कार्य के चलते यातायात की रफ्तार थम गई है। ऐसे में मेट्रो की ओर से निर्माण कार्य में लगी मशीनों की संख्या घटा दी गई है। ये मशीनें बड़े आकार की हैं।
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आगरा मेट्रो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मेट्रो के निर्माण के कारण एमजी रोड और हाईवे पर जाम के हालात हैं। सहालग के चलते यह समस्या और विकराल हो गई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने मशीनों की संख्या कम कर दी है। 6 मशीनें घटा दी हैं और अभी 12 मशीनों से ही कार्य किया जा रहा है।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है। ये एलिवेटेड ट्रैक और इसकी दूरी 16 किमी है। इसमें 14 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। पिलर खोदने की 18 भारी मशीनें लगी हुई थीं। एमजी रोड पर जाम की स्थिति देखते हुए छह भारी मशीनों की संख्या कम कर दी है। ये बड़े आकार की मशीनें हैं। इसमें से 7 मशीनें एमजी रोड और 5 मशीनें भगवान टॉकीज से रामबाग तक के लिए लगी हुई हैं। पहले 18 मशीनों से कार्य हो रहा था। फरवरी तक सहालग ज्यादा हैं, ऐसे में इसके बाद मशीनों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
पहले कॉरिडोर की बात करें तो आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा के लिए एक पाइलिंग मशीन कार्य कर रही है। इन तीनों स्टेशन के लिए कुछ ही पिलर बचे हुए हैं। इसके पहले चार स्टेशन (एसएन, आगरा कॉलेज, राजामंडी, आरबीएस कॉलेज ) भूमिगत हैं। इनका सिविल कार्य भी पूरा हो गया है।
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इनके स्टॉपेज के लिए आईएसबीटी स्टेशन बनाया जा रहा है। ये अगले महीने में पूरा हो जाएगा। इसके बाद मेट्रो ट्रेन का 25 दिसंबर के बाद से ट्रायल किया जाएगा। 50-60 दिन तक सभी ट्रायल और सुरक्षा मानकों की पड़ताल के बाद मार्च से मेट्रो ट्रेन का संचालन आरबीएस कॉलेज स्टेशन तक होने लगेगा।
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यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है। ये एलिवेटेड ट्रैक और इसकी दूरी 16 किमी है। इसमें 14 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। पिलर खोदने की 18 भारी मशीनें लगी हुई थीं। एमजी रोड पर जाम की स्थिति देखते हुए छह भारी मशीनों की संख्या कम कर दी है। ये बड़े आकार की मशीनें हैं। इसमें से 7 मशीनें एमजी रोड और 5 मशीनें भगवान टॉकीज से रामबाग तक के लिए लगी हुई हैं। पहले 18 मशीनों से कार्य हो रहा था। फरवरी तक सहालग ज्यादा हैं, ऐसे में इसके बाद मशीनों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
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पहले कॉरिडोर की बात करें तो आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा के लिए एक पाइलिंग मशीन कार्य कर रही है। इन तीनों स्टेशन के लिए कुछ ही पिलर बचे हुए हैं। इसके पहले चार स्टेशन (एसएन, आगरा कॉलेज, राजामंडी, आरबीएस कॉलेज ) भूमिगत हैं। इनका सिविल कार्य भी पूरा हो गया है।
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इनके स्टॉपेज के लिए आईएसबीटी स्टेशन बनाया जा रहा है। ये अगले महीने में पूरा हो जाएगा। इसके बाद मेट्रो ट्रेन का 25 दिसंबर के बाद से ट्रायल किया जाएगा। 50-60 दिन तक सभी ट्रायल और सुरक्षा मानकों की पड़ताल के बाद मार्च से मेट्रो ट्रेन का संचालन आरबीएस कॉलेज स्टेशन तक होने लगेगा।