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UP: चंबल नदी में बालू का अवैध खनन, सीईसी के निरीक्षण में खुली पोल; सुप्रीम कोर्ट में दी जाएगी रिपोर्ट
Sun, 03 May 2026 02:31 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 03 May 2026 02:31 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के भिंड इलाके में बालू खनन के निशान दिखे। एक जगह पर खनन के कारण गड्ढे नजर आए। नदी में बाह के किनारे बालू पर घड़ियाल और मगरमच्छ की चहलकदमी दिखी। करीब 10 किमी के दायरे में भ्रमण कर सीईसी सदस्य ने अवैध खनन के बारे में अधिकारियों से पूछताछ की।
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सीईसी सदस्य ने किया निरीक्षण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
चंबल नदी में बालू के अवैध खनन से जलीय जीवों पर आए संकट पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। इस मामले में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) के सदस्य सीपी गोयल दो दिन के लिए आगरा आए और मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में चंबल नदी में बालू के अवैध खनन को देखने पहुंचे। उन्हें राजस्थान और मध्य प्रदेश की ओर बालू के अवैध खनन के निशान मिले और अवैध भंडारण भी मिला। वह शनिवार को दिल्ली रवाना हो गए और 11 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले अपनी गोपनीय रिपोर्ट दाखिल करेंगे।
सीईसी सदस्य चंद्रप्रकाश गोयल ने बाह के नंदगवा घाट पर खनन का निरीक्षण किया। गोहरा, रानीपुरा तक मोटरबोट से भ्रमण कर नदी किनारे बालू से लेकर बीहड़ के टीले तक का जायजा लिया। राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुअरी प्रोजेक्ट की डीएफओ चांदनी सिंह के साथ उन्होंने दूसरे छोर पर मध्य प्रदेश के भिंड इलाके में बालू खनन के निशान दिखे। एक जगह पर खनन के कारण गड्ढे नजर आए। नदी में बाह के किनारे बालू पर घड़ियाल और मगरमच्छ की चहलकदमी दिखी। करीब 10 किमी के दायरे में भ्रमण कर उन्होंने अवैध खनन के बारे में अधिकारियों से पूछताछ की। इस दौरान एसडीओ इटावा केसी शेखर, रेंजर कुलदीप सहाय पंकज, एसीपी बाह हरेकृष्ण शर्मा, नायब तहसीलदार सुधीर गिरी, पंकज सिंह, राहुल जादौन आदि मौजूद रहे।
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सीईसी सदस्य चंद्रप्रकाश गोयल ने बाह के नंदगवा घाट पर खनन का निरीक्षण किया। गोहरा, रानीपुरा तक मोटरबोट से भ्रमण कर नदी किनारे बालू से लेकर बीहड़ के टीले तक का जायजा लिया। राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुअरी प्रोजेक्ट की डीएफओ चांदनी सिंह के साथ उन्होंने दूसरे छोर पर मध्य प्रदेश के भिंड इलाके में बालू खनन के निशान दिखे। एक जगह पर खनन के कारण गड्ढे नजर आए। नदी में बाह के किनारे बालू पर घड़ियाल और मगरमच्छ की चहलकदमी दिखी। करीब 10 किमी के दायरे में भ्रमण कर उन्होंने अवैध खनन के बारे में अधिकारियों से पूछताछ की। इस दौरान एसडीओ इटावा केसी शेखर, रेंजर कुलदीप सहाय पंकज, एसीपी बाह हरेकृष्ण शर्मा, नायब तहसीलदार सुधीर गिरी, पंकज सिंह, राहुल जादौन आदि मौजूद रहे।
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11 को सुनवाई से पहले सौंपेंगे रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और संदीप मेहता की बेंच ने चंबल नदी में बालू के अवैध खनन का स्वत: संज्ञान लिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 मई को होनी है। उससे पहले चंद्र प्रकाश गोयल की कमेटी सुप्रीम कोर्ट में दो दिनों के निरीक्षण का ब्योरा पेश करेगी। चंबल में बालू खनन की ताजा रिपोर्ट और सिफारिश भी इसमें शामिल की जाएगी। कमेटी ने इससे पहले शुक्रवार को धौलपुर में अधिकारियों के साथ बैठक करके अवैध खनन में लगे वाहनों को जब्त करके उनके रजिस्ट्रेशन निलंबित करने के निर्देश दिए।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और संदीप मेहता की बेंच ने चंबल नदी में बालू के अवैध खनन का स्वत: संज्ञान लिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 मई को होनी है। उससे पहले चंद्र प्रकाश गोयल की कमेटी सुप्रीम कोर्ट में दो दिनों के निरीक्षण का ब्योरा पेश करेगी। चंबल में बालू खनन की ताजा रिपोर्ट और सिफारिश भी इसमें शामिल की जाएगी। कमेटी ने इससे पहले शुक्रवार को धौलपुर में अधिकारियों के साथ बैठक करके अवैध खनन में लगे वाहनों को जब्त करके उनके रजिस्ट्रेशन निलंबित करने के निर्देश दिए।
240 जवानों की अतिरिक्त तैनाती की मांग
सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी के सदस्य चंद्रप्रकाश गोयल ने धौलपुर में अधिकारियों से बैठक की तो राजस्थान और मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने अवैध खनन रोकने के लिए 240 जवानों की तैनाती की जरूरत बताई। वन विभाग ने चंबल नदी के किनारे सेंक्चुअरी क्षेत्र में 16 नई पोस्ट, तीन नई चौकियां, संवेदनशील क्षेत्र में हथियार सहित जवानों की तैनाती की मांग की।
सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी के सदस्य चंद्रप्रकाश गोयल ने धौलपुर में अधिकारियों से बैठक की तो राजस्थान और मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने अवैध खनन रोकने के लिए 240 जवानों की तैनाती की जरूरत बताई। वन विभाग ने चंबल नदी के किनारे सेंक्चुअरी क्षेत्र में 16 नई पोस्ट, तीन नई चौकियां, संवेदनशील क्षेत्र में हथियार सहित जवानों की तैनाती की मांग की।