आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज में खरीदी जाएंगी दो करोड़ रुपये की दवाएं, अब नहीं होगी कमी
एसएन मेडिकल कॉलेज में आगरा के अलावा मथुरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद एटा-कासगंज से मरीज आते हैं। लेकिन दवाओं की कमी के कारण मरीजों को जूझना पड़ता है। अब यह समस्या जल्द दूर हो जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने 245 प्रकार की दवाओं के ऑर्डर दिए हैं।
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आगरा में दवाओं की कमी से जूझ रहे एसएन मेडिकल कॉलेज ने दो करोड़ रुपये की दवाएं खरीदने का आर्डर दिया है। इसमें 240 तरह की दवाएं खरीदी जा रही हैं। इनमें ओपीडी के लिए 110 तरह की और भर्ती मरीजों के लिए 135 तरह की दवाएं शामिल हैं। इससे अब मेडिकल कॉलेज में दवाओं की कमी नहीं होगी।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि अगले तीन-चार महीने के लिए दवाओं की खरीद के लिए आर्डर कर दिए हैं। इसमें एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, एलर्जी, मधुमेह, सांस रोग, बुखार-खांसी समेत हर विभाग के मर्ज की दवाइयां शामिल हैं। भर्ती मरीजों के लिए इंजेक्शन, आईबी फ्लूड समेत अन्य दवाएं हैं।
उन्होंने बताया कि मौसमी बीमारियों के लिए ज्यादा खरीद की जा रही है। इनमें मेडिसिन विभाग के लिए 190 तरह की दवाएं हैं। इनकी खरीद के लिए विभिन्न कंपनियों को आर्डर कर दिए हैं, जिनकी लागत करीब दो करोड़ रुपये है। इन दवाओं की चरणबद्ध आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
इन विभागों के लिए दवाओं की खरीद
विभाग दवा के प्रकार
मेडिसिन 190
स्त्री रोग 10
कैंसर रोग 10
बाल रोग 10
हृदय रोग 08
त्वचा रोग 06
हड्डी रोग 06
नेत्र रोग 05
बदल रहे एसएन की सूरत
एसएन मेडिकल कॉलेज की सूरत बदलने लगी है। कॉलेज का मुख्य प्रवेश द्वार भी बन गया है। टूटी सड़कें नए सिरे से बनाई जा रही हैं। 20 दिन में यह कार्य भी पूरा हो जाएगा। अमर उजाला ने टूटी हुई सड़कों से गुजरने पर मरीज-तीमारदार की परेशानियों को प्रकाशित किया था।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि करीब चार करोड़ रुपये से एसएन कॉलेज की लगभग पांच किमी. की सड़कें बनाई जानी हैं। इसमें मुख्य द्वार बन गया है, यहां से प्राचार्य कार्यालय, घड़ी वाली इमारत और आठ मंजिला इमारत तक नई सड़क बन गई है।
बाकी का निर्माण कार्य चल रहा है जो 15 से 20 दिन में पूरा हो जाएगा। आठ मंजिला इमारत से सीवर का कार्य भी पूरा हो गया है। नई सड़क बनने से मरीज-तीमारदारों को सुविधा रहेगी। मुख्य द्वार चौड़ा होने से जाम की स्थिति भी कम बनेगी।