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पांच घंटे तक इमरजेंसी के बाहर तड़पता रहा मरीज, नहीं पसीजा डॉक्टर्स का कलेजा

Sun, 10 Jun 2018 08:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Sun, 10 Jun 2018 08:32 AM IST
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Medical Collage doctor's negligence in duty of care to patient
एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी के डॉक्टर्स का रवैया सुधरने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार को यहां पांच घंटे तक बुजुर्ग मरीज को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। 
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इमरजेंसी वार्ड के बाहर मरीज पांच घंटे तक तड़पता रहा। वरिष्ठ चिकित्सकों तक शिकायत के बाद मरीज को भर्ती किया। ऐसे ही पीलिया से पीड़ित मरीज को भी भर्ती नहीं किया। 
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टेढ़ी बगिया इस्लाम नगर निवासी 75 वर्षीय उमर खां के सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इनकी पत्नी शरीफन बेगम इनको करीब दो बजे लेकर इमरजेंसी पहुंची। यहां डॉक्टर्स ने उसे टीबी एवं वक्ष रोग विभाग भेज दिया। 
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फाइल के लिए भटकाते रहे

Medical Collage doctor's negligence in duty of care to patient
इमरजेंसी के बाहर बैठा मरीज - फोटो : अमर उजाला
वहां पता चला कि इमरजेंसी से फाइल बनेगी। तब ही भर्ती किए जाएंगे। दोबारा इमरजेंसी आए तो यहां के डॉक्टर्स ने कहा कि टीबी रोग के डॉक्टर को फोन कर दिया है, उनके आने पर ही फाइल बनेगी, तब तक बाहर इंतजार करो। 

काफी देर बाद भी कोई डॉक्टर नहीं आया तो तीमारदार ने दोबारा पूछा, इस पर फिर वही जवाब मिला। इधर, मरीज को घबराहट होने लगी, हालत बिगड़ने लगी। इस पर सामाजिक संस्था के सदस्यों ने इसकी जानकारी वरिष्ठ चिकित्सकों को दी। 

इसके बाद डॉक्टर आया और मरीज को करीब सात बजे भर्ती किया जा सका। प्राचार्य प्रभारी डॉ. राजेश्वर दयाल का कहना है कि मामला क्या है, इसके बारे में विभागाध्यक्षों से जानकारी की जाएगी। 

खून का इंतजाम करो, फिर होना भर्ती 

ऐेसा ही दूसरा मरीज एत्मादपुर के धौर्रा गांव का संजू के साथ हुआ। इसको पीलिया था, इमरजेंसी में भर्ती होने के लिए दोपहर को ढाई
बजे आया। आरोप है कि डॉक्टर ने पहले खून का इंतजाम करने को कहा, इसके बाद ही भर्ती किया जाएगा। 

मरीज डॉक्टर्स के सामने गिड़गिड़ाया। उसने डॉक्टर्स से कहा कि पहले भर्ती कर लो, खून का भी इंतजाम होगा, लेकिन डॉक्टर ने भर्ती
नहीं किया। काफी देर तक मरीज इमरजेंसी के बाहर बैठा रहा। 
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