फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   may summit not have result like nri meet

समिट जैसा न हो एनआरआई सम्मेलन का हश्र

Sun, 03 Jan 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा Updated Sun, 03 Jan 2016 02:22 AM IST
विज्ञापन
may summit not have result like nri meet
तीन साल पहले तब भी जमीं आगरा की ही थी। युवा मुख्यमंत्री की अगुवाई में शासन-प्रशासन तीन दिन तक आगरा आए दुनिया भर के उद्यमियों को निवेश के लिए आकर्षित करने का प्रयास करता रहा। अखिलेश यादव ने छह नीतियों का एलान भी किया, लेकिन आगरा को न तो किसी नीति का फायदा मिला और न ही किसी एमओयू का। ठीक तीन साल बाद अब फिर से आगरा की जमीं से ही प्रवासी भारतीयों को लुभाने का प्रयास हो रहा है। 4, 5 जनवरी को फिर से मुख्यमंत्री की अगुवाई में प्रदेश सरकार प्रवासी भारतीयों के जरिए कई क्षेत्रों में बदलाव की उम्मीद करने वाली है।
विज्ञापन

समिट में ये न हो सका।
जनवरी 2013 में हुई सीआईआई पार्टनरशिप समिट में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आईटी, इंडस्ट्री और इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश नीति, सौर ऊर्जा नीति, पोल्ट्री फार्म नीति, खाद्य एवं प्रसंस्करण नीति की घोषणा के साथ ऊर्जा में निवेश पर 500 करोड़ के प्रोजेक्ट पर छूट दी, तो सूबे में 18000 किमी लंबी नहरों की पटरियों पर सोलर पैनल लगाने का एलान हुआ था। आगरा के कोल्ड स्टोरेज को तकनीकी के लिए नीदरलैंड ने रुचि दिखाई थी, लेकिन तीन साल में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह शिक्षा में मेसीडोनिया, टर्की, पोलैंड दूतावास, पापुआ न्यू गिनी ने अंबेडकर विवि के साथ ओपन कॉलेज खोलने में रुचि जताई थी, जो परवान नहीं चढ़ सकीं।
विज्ञापन


समिट के जरिए प्रदेश सरकार ने माहौल बदलने की शुरुआत की थी। निवेशकों में अगर एक बार यूपी के प्रति भरोसा जागा तो सूरत बदल ही जाएगी। सम्मेलन का तात्कालिक फायदा तो नहीं मिल पाएगा, लेकिन छवि बदलने की उम्मीद है
विज्ञापन
विज्ञापन

- भुवेश अग्रवाल, अध्यक्ष, नेशनल चेंबर

पार्टनरशिप समिट प्रदेश सरकार की अच्छी पहल थी, लेकिन इसके नतीजे नहीं आ सके। औद्योगिक घरानों और कंपनियों से जो उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो पाई। समिट की तरह ही एनआरआई सम्मेलन का हश्र न हो, इसके प्रयास होने चाहिए।

- मनीष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष नेशनल चेंबर

एनआरआई कार्ड जारी करेगी प्रदेश सरकार
होटल आईटीसी मुगल में 4-5 जनवरी को आयोजित हो रहे प्रवासी भारतीय सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार एनआरआई कार्ड जारी करेगी। उत्तर प्रदेश के मूल निवासी रहे एनआरआई और पीआईओ के लिए प्रदेश सरकार खास एनआरआई कार्ड की सहूलियत देने वाली है। सरकार की वेबसाइट पर 1184 एनआरआई रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, इसमें से 469 ने एनआरआई कार्ड के लिए आवेदन किया है। कार्ड के लिए 500 रुपये की फीस चुकानी होगी और यह ई-मेल के जरिए ही जारी किया जाएगा। इसी तरह ‘डिस्कवर योर रूट्स’ के जरिए अपने परिवार के बारे में जानने के लिए 150 अमेरिकी डालर की फीस प्रदेश सरकार ने रखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed