श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला: पक्षकार बनने के नौ प्रार्थनापत्र निरस्त, हिंदू आर्मी के दावे पर सुनवाई आज
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मथुरा के जिला जज की अदालत में गुरुवार को श्रीकृष्ण विराजमान के दावे पर रिवीजन में सुनवाई हुई। इस दौरान जिला जज ने पक्षकार बनाने के लिए आए नौ प्रार्थनापत्रों को निरस्त कर दिया है। दावे की अपील के साथ खुद को पक्षकार के तौर पर शामिल करने के लिए नौ प्रार्थनापत्र दाखिल किए गए थे। मामले में अब 22 मार्च को अगली सुनवाई होगी।
18 जनवरी को जिला जज की अदालत ने श्रीकृष्ण विराजमान के दावे की अपील पर शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव की ओर से की गई आपत्ति को स्वीकार करते हुए अपील को संशोधित करते हुए रिवीजन में बदल दिया था। इससे पूर्व सात जनवरी को शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव अधिवक्ता तनवीर अहमद ने अपील पर आपत्ति की थी। इसमें कहा गया था कि अपील प्रकीर्ण वाद में दर्ज होने के कारण सुनवाई योग्य नहीं है।
गुरुवार को जिला जज यशवंत कुमार मिश्र ने सुनवाई करते हुए अभी तक अदालत में पक्षकार बनने के लिए किए गए कुल नौ आवेदनों को निरस्त कर दिया। इन आवेदकों में से अधिकांश ने शाही मस्जिद ईदगाह के साथ वर्ष 1967 में हुए समझौते के बाद हुई डिक्री (न्यायिक निर्णय) को रद्द करने और कटरा केशवदेव की 13.37 एकड़ जमीन का हक श्रीकृष्ण विराजमान को दिलवाने का समर्थन किया था।
अब अदालत श्रीकृष्ण विराजमान के मूल वाद को प्रकीर्ण वाद में दर्ज कर रिवीजन में सुनवाई कर रही है। बता दें कि श्रीकृष्ण विराजमान वाद में यूपी सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन, शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव के अलावा श्रीकृष्ण जन्म भूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव को प्रतिपक्ष बनाया गया है। अब इस केस की सुनवाई 22 मार्च को होगी।
अदालत में पहुंचीं वादी सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि हमारे वाद में पक्षकार बनने को आए प्रार्थनापत्रों को अदालत ने निरस्त कर दिया है। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि श्रीकृष्ण विराजमान के केस में पक्षकार बनाने के लिए दिए गए नौ प्रार्थनापत्रों को अदालत ने निरस्त कर दिया है।
हिंदू आर्मी के दावे पर सुनवाई आज
सिविल जज सीनियर डिवीजन नेहा बधौतिया की अदालत में हिंदू आर्मी चीफ मनीष यादव के दावे पर 18 जनवरी को सुनवाई हुई थी। इसमें दावे को दर्ज किए जाने संबंधी निर्णय के लिए अदालत ने 29 जनवरी की तारीख तय की थी। मनीष ने बताया कि अदालत में 29 जनवरी को उनके दावे पर निर्णय आ सकता है।