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Mathura: संघ प्रमुख ने संत प्रेमानंद से की मुलाकात, भागवत बोले- वीडियो देख मन में मिलने की जगी इच्छा

Wed, 29 Nov 2023 04:22 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 29 Nov 2023 04:22 PM IST
सार

प्रेमानंद ने कहा कि सेवा के लिए जगत दिया है। एक व्यवहारिक सेवा और दूसरी आध्यात्मिक सेवा। उन्होंने कहा कि देशवासियों को सिर्फ वस्तु और सुख सुविधा देकर सुखी नहीं किया जा सकता। देशवासियों को सुखी करने के लिए उनके बौद्धिक स्तर में सुधार लाने की आवश्यकता है।

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Mathura Sangh chief met Saint Premanand Bhagwat said after watching the video
संघ प्रमुख मोहन भागवत। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

मथुरा के वृंदावन में संघ प्रमुख मोहन भागवत स्वामी प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। उन्होंने संत प्रेमानंद को पीले रंग का पटका भेंट किया और पुष्प माला पहनाई। इस दौरान मोहन भागवत ने कहा कि संत का वीडियो सोशल मीडिया पर देखा जिससे एहसास हुआ कि ऐसे लोग बहुत कम होते हैं और मिलने चला आया। 

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प्रेमानंद ने कहा कि सेवा के लिए जगत दिया है। एक व्यवहारिक सेवा और दूसरी आध्यात्मिक सेवा। उन्होंने कहा कि देशवासियों को सिर्फ वस्तु और सुख सुविधा देकर सुखी नहीं किया जा सकता। देशवासियों को सुखी करने के लिए उनके बौद्धिक स्तर में सुधार लाने की आवश्यकता है। कहा कि बौद्धिक स्तर गिरता चला जा रहा है, जो कि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हमारा देश धार्मिक देश है। 

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संत प्रेमानंद ने कहा कि भारतवासी सुखी तभी हो सकता है जब उसके मन से हिंसात्मकता, मन की मलीनता और अपवित्र बुद्धि दूर हो। संघ प्रमुख से वार्ता के दौरान संत प्रेमानंद ने कहा कि जिस तरह भगवान राम, कृष्ण पूज्यनीय हैं उतना ही भारत पूज्यनीय है। राष्ट्र की सेवा ही धर्म का परिचायक है। वर्तमान में जो मानसिकता बन रही है वह धर्म और देश के लिए हितकर नहीं। व्यसन, व्यभिचार और हिंसा का स्वरूप बढ़ रहा है। विविध प्रकार के सुख सुविधा देते हुए भी देशवासियों को सुखी नहीं कर पाएंगे। सुख का स्वरूप विचार से है। देशवासियों का विचार शुद्ध होना चाहिए इसके शुद्ध होने से राष्ट्र सेवा, जन सेवा और समाज सेवा का भाव स्वत: उत्पन्न हो जाएगा, देशवासी परम सुखी हो जाएंगे।

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