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निकाय चुनावः मथुरा में 1.65 लाख मतदाता वोटर लिस्ट से गायब
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 25 Oct 2017 08:00 PM IST
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मतदाता सूची
- फोटो : अमर उजाला
निकाय चुनाव की अधिसूचना अब किसी भी दिन जारी हो सकती है, लेकिन जिला प्रशासन मथुरा-वृंदावन नगर निगम की मतदाता सूची ही तैयार नहीं करा सका है।
शहर में अभी तक 1.65 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से ही गायब हैं। इसकी भनक लगते ही सूची की खोज में कलक्ट्रेट पहुंच रहे जनप्रतिनिधियों का अफसर सामना नहीं कर पा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग निकाय चुनाव की पूरी तैयारी में है। इसके लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण पिछले 20 दिन से कराया जा रहा है। आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर निगम की मतदाता सूची 19 अक्तूबर को जारी होनी थी। लेकिन, अब तक मथुरा-वृंदावन नगर निगम की मतदाता सूची का प्रकाशन ही नहीं हो सका है।
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शहर में अभी तक 1.65 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से ही गायब हैं। इसकी भनक लगते ही सूची की खोज में कलक्ट्रेट पहुंच रहे जनप्रतिनिधियों का अफसर सामना नहीं कर पा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग निकाय चुनाव की पूरी तैयारी में है। इसके लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण पिछले 20 दिन से कराया जा रहा है। आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर निगम की मतदाता सूची 19 अक्तूबर को जारी होनी थी। लेकिन, अब तक मथुरा-वृंदावन नगर निगम की मतदाता सूची का प्रकाशन ही नहीं हो सका है।
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बताया जा रहा है कि निर्वाचन आयोग के साफ्टवेयर में मतदाताओं के नाम 18 अक्तूबर तक ही फीड होने थे। लेकिन, पुनरीक्षण कार्य की जटिलता के चलते मतदाताओं के नाम समय से फीड नहीं हो सके हैं। अब यह साफ्टवेयर बंद हो गया है। इससे करीब 1.65 लाख लोगों के नाम सूची से बाहर हो गए हैं। ऐसे में इस सूची का प्रकाशन भी नहीं हो पा रहा है।
इस समस्या का मुख्य कारण 2016 की मतदाता सूची का पुनरीक्षण है, जो खामियों से भरी हुई थी। उसी के आधार पर निकाय के लिए सूची का पुनरीक्षण किया गया, जिसमें ज्यादा वक्त लगा है। इसके अलावा बीएलओ के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह दायित्व देना भी इसका कारण बना हुआ है।
इस समस्या का मुख्य कारण 2016 की मतदाता सूची का पुनरीक्षण है, जो खामियों से भरी हुई थी। उसी के आधार पर निकाय के लिए सूची का पुनरीक्षण किया गया, जिसमें ज्यादा वक्त लगा है। इसके अलावा बीएलओ के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह दायित्व देना भी इसका कारण बना हुआ है।
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कलक्ट्रेट पहुंचे जनप्रतिनिधि
डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी का कहना है कि साफ्टवेयर में फीडिंग से रह गए नामों की संख्या ज्यादा नहीं है। उसका अलग से प्रिंट तैयार करते हुए बीएलओ से क्रास चेक कराया जा रहा है। जिससे मतदाता सूची से किसी का नाम न रह जाए। सूची जल्द जारी हो जाएगी।
वहीं चुनाव की आहट देख मतदाता सूची को लेकर परेशान सियासी लोगों के कदम अब कलक्ट्रेट की ओर ही पड़ रहे हैं। विभिन्न पार्टियों से टिकट की लाइन में लगे अनेक नेता मतदाता सूची में नाम देखने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे।
रालोद जिलाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह इस समस्या को लेकर डीएम से मिलने पहुंचे। मुलाकात न होने पर उन्होंने कहा कि सूची में सभी नाम न शामिल होने पर रालोद प्रदर्शन करेगा। महेंद्र चौधरी ने इस स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है।
वहीं चुनाव की आहट देख मतदाता सूची को लेकर परेशान सियासी लोगों के कदम अब कलक्ट्रेट की ओर ही पड़ रहे हैं। विभिन्न पार्टियों से टिकट की लाइन में लगे अनेक नेता मतदाता सूची में नाम देखने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे।
रालोद जिलाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह इस समस्या को लेकर डीएम से मिलने पहुंचे। मुलाकात न होने पर उन्होंने कहा कि सूची में सभी नाम न शामिल होने पर रालोद प्रदर्शन करेगा। महेंद्र चौधरी ने इस स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है।
भाजपा का षड्यंत्र
पीसी
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम की मतदाता सूची को लेकर हो मची हायतौबा के बीच सभी विपक्षी दल एक मंच पर आ गए हैं। सूची से 1.65 लाख लोगों के नाम गायब करने की तोहमत सीधे भाजपा पर लगाई जा रही है। विपक्षी दलों के सभी शीर्ष नेता बुधवार को डेंपियर नगर में एक मंच पर आ गए।
पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि यह जनता का चीरहरण है। मतदाता सूची से ऐसे 1.65 लाख मतदाता गायब कर दिए हैं, जो दलित, पिछडे़ वर्ग और वर्ग विशेष के हैं। उन्होंने कहा कि इसमें सुधार न हुआ तो आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। रालोद जिलाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि शासन और प्रशासन की नीयत ठीक नहीं है। निर्वाचन आयोग को निष्पक्ष चुनाव के लिए कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोहनसिंह सिसौदिया ने कहा कि जानबूझकर मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है। सपा जिलाध्यक्ष तनवीर अहमद ने कहा कि परिसीमन में भी भाजपा ने मनमर्जी की है। अब यही दौर मतदाता सूची को लेकर चल रहा है। सूची लखनऊ में तैयार हो रही है। भाजपा हताश है, इसीलिए ये सब कोशिश हो रही हैं।
पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि यह जनता का चीरहरण है। मतदाता सूची से ऐसे 1.65 लाख मतदाता गायब कर दिए हैं, जो दलित, पिछडे़ वर्ग और वर्ग विशेष के हैं। उन्होंने कहा कि इसमें सुधार न हुआ तो आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। रालोद जिलाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि शासन और प्रशासन की नीयत ठीक नहीं है। निर्वाचन आयोग को निष्पक्ष चुनाव के लिए कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोहनसिंह सिसौदिया ने कहा कि जानबूझकर मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है। सपा जिलाध्यक्ष तनवीर अहमद ने कहा कि परिसीमन में भी भाजपा ने मनमर्जी की है। अब यही दौर मतदाता सूची को लेकर चल रहा है। सूची लखनऊ में तैयार हो रही है। भाजपा हताश है, इसीलिए ये सब कोशिश हो रही हैं।