मथुरा जवाहर बाग कांड: रामवृक्ष के गुरुभाई के प्रार्थनापत्र पर अदालत ने किया फैसला सुरक्षित
जवाहर बाग कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव के मुख्य सहयोगी तथा गुरुभाई राजनारायण शुक्ला के प्रार्थनापत्र पर अदालत ने फैसला सुरक्षित किया है।
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मथुरा में जवाहर बाग कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव के अपहरण की रिपोर्ट के मुद्दे पर सीजेएम ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। उसके गुरुभाई राजनारायण ने पुलिस के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज किए जाने संबंधी अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था।
जवाहर बाग कांड वारदात का मुख्य साजिशकर्ता रामवृक्ष यादव की मौत पर लगातार संशय चल रहा है। रामवृक्ष के गुरुभाई राजनारायण ने नवंबर 2021 में सीजेएम की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। बस्ती निवासी राजनारायण शुक्ला द्वारा दो जून 2016 की वारदात का हवाला देते हुए बताया है कि दो जून 2016 को पुलिस मेरे सामने पुलिस लाइन ग्राउंड से हत्या के उद्देश्य से नेताजी (रामवृक्ष यादव) को पकड़ कर ले गई थी, जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। उन्होंने अदालत से रामवृक्ष यादव को बंधक बनाने वालों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर जांच की प्रार्थना की।
अदालत में हुई सुनवाई
पुलिस के खिलाफ रामवृक्ष का हत्या के उद्देश्य से अपहरण कर लिए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सीजेएम की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया। इस प्रार्थनापत्र पर बृहस्पतिवार को सीजेएम राकेश सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। राजनारायण के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि अदालत में हमारी बहस पूरी हो गई है। अदालत ने इस पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। उन्होंने बताया कि सदर पुलिस ने इस बारे में अदालत में अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।
सीबीआई मान चुकी है रामवृक्ष को मृत
बता दें सीबीआई अपनी जांच में रामवृक्ष को मृत मान चुकी है। इसी रिपोर्ट को आधार बना कर सदर पुलिस पूर्व में एक प्रार्थनापत्र अदालत में दाखिल कर चुकी है।