बच्चा चोरी का मामला: आरोपियों के लैपटॉप-मोबाइल में छिपे हैं राज, रिमांड पर लेकर पुलिस करेगी पूछताछ
मानव तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों के चेहरों को बेनकाब करने के लिए विशेष जांच दल गठित कर दिया गया है। वहीं जीआरपी जेल भेजे गए अभियुक्तों को रिमांड पर लेने की तैयारी भी कर रही है।
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बच्चों की चोरी और अपहरण के बाद तस्करी कर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह पर मथुरा जीआरपी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जेल भेजे गए अभियुक्तों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी होगी। इसके लिए जीआरपी तैयारी कर रही है। शक है कि इस गिरोह में कई लोग शामिल हो सकते हैं। अभियुक्तों के मोबाइल, लैपटॉप व अन्य संपर्कों से जुड़े लोगों की सूची तैयार की गई है।
मानव तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों के चेहरों को बेनकाब करने के लिए विशेष जांच दल गठित कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इस गिरोह में 150 से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। यह सब वही लोग हैं, जो कि गिरोह में शामिल लोगों के साथ मिलकर काम करते थे। जीआरपी को इनकी जानकारी अभियुक्तों से पूछताछ के अलावा मोबाइल और लैपटॉप आदि से मिली है। कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिनके अस्पतालों से संबंध हैं।
डॉक्टर दंपती समेत आठ को जेल
23 अगस्त की रात मथुरा जंक्शन से सात माह का बच्चा चोरी हुआ था। जीआरपी ने बच्चे के बरामद कर मानव तस्करी गिरोह का खुलासा किया। गिरोह में शामिल डॉक्टर दंपती समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। गिरोह की यह पहली वारदात नहीं थी। यह अभी तक करीब 15 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुका है। जीआरपी ने अब इन आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
गिरोह में एएनएम भी शामिल
बच्चों की देखभाल और गर्भवती महिलाओं को खानपान बताने वाली एएनएम इस गिरोह की पहली सीढ़ी थीं। एएनएम पूनम और मिथलेश के माध्यम से बच्चा खरीदने की डिमांड पर जब बच्चा नहीं मिल पाता तो चिकित्सक दंपती उसके लिए दीप कुमार जैसे गिरोह के सदस्यों का सहयोग लेते थे। दोनों एएनएम ऐसी गर्भवती महिलाओं पर नजर रखती थीं जो कि अनचाहे बच्चे को जन्म देती हैं।