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मथुरा: उत्तम मार्दव धर्म का पालन किया
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कोसीकलां जैन मंदिर में अभिषेक करते हुए श्रद्धालु।
- फोटो : KOSI
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कोसीकलां (मथुरा)। दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की। उत्तम मार्दव धर्म का पालन किया गया।
शनिवार को नगर के सभी जैन मंदिरों में भक्ति का सैलाब उमड़ा। सुबह अभिषेक किया गया। जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की गई। श्रीचंद्रप्रभु जैन पांडे वाले मंदिर में विद्वान ने मार्दव पर्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भाग्यशाली लोगों को ही स्वाध्याय का अवसर मिलता है। सभी जानते है कि अच्छे कर्मों से स्वर्ग व बुरे कर्मों से नरक मिलता है। पर्यूषण पर्व में अपना आंकलन अवश्य करना चाहिए।
पिछले साल पर आप नजर डालें घर में रुपया पैसा, संपत्ति, वाहन जेवर सब बढ़ गए, लेकिन धर्म कितना बढ़ा यह कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि मंदिर दर्शन की चीज है, प्रदर्शन की नहीं। दशलक्षण आत्मशोधन और परिवर्तन का पर्व है। इसमें भी हमने अपने को नहीं बदला तो फिर कब बदलेंगे। समाज के अध्यक्ष सुभाष जैन, कैलाश चंदौरिया, राजेंद्र जैन, सोम जैन, नवीन जैन, प्रवीन जैन, देवो जैन, अखिल जैन, कैलाश सर्राफ, नितिन जैन, विनोद जैन, प्रेमचंद जैन, राहुल जैन, अशोक कामियां आदि थे।
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शनिवार को नगर के सभी जैन मंदिरों में भक्ति का सैलाब उमड़ा। सुबह अभिषेक किया गया। जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की गई। श्रीचंद्रप्रभु जैन पांडे वाले मंदिर में विद्वान ने मार्दव पर्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भाग्यशाली लोगों को ही स्वाध्याय का अवसर मिलता है। सभी जानते है कि अच्छे कर्मों से स्वर्ग व बुरे कर्मों से नरक मिलता है। पर्यूषण पर्व में अपना आंकलन अवश्य करना चाहिए।
पिछले साल पर आप नजर डालें घर में रुपया पैसा, संपत्ति, वाहन जेवर सब बढ़ गए, लेकिन धर्म कितना बढ़ा यह कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि मंदिर दर्शन की चीज है, प्रदर्शन की नहीं। दशलक्षण आत्मशोधन और परिवर्तन का पर्व है। इसमें भी हमने अपने को नहीं बदला तो फिर कब बदलेंगे। समाज के अध्यक्ष सुभाष जैन, कैलाश चंदौरिया, राजेंद्र जैन, सोम जैन, नवीन जैन, प्रवीन जैन, देवो जैन, अखिल जैन, कैलाश सर्राफ, नितिन जैन, विनोद जैन, प्रेमचंद जैन, राहुल जैन, अशोक कामियां आदि थे।
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