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मथुरा: मां चंद्रघंटा के दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु
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कोसीकलां (मथुरा)। चैत्र नवरात्र पर माता भगवती के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की गई। लोगों ने घरों में रहकर माता रानी का गुणगान किया। विधि-विधान से पूजा कर परिवार की खुशहाली की कामना की। कुछ लोग मंदिर पहुंचे। जबकि अधिकतर भक्तों ने घरों में ही पूजा कर देश की सलामती के लिए दुआ की। शुक्रवार को चौथे स्वरूप में माता कूष्मांडा की पूजा की जाएगी।
मां भगवती के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा माता की श्रद्धालुओं ने घरों में पूजा-अर्चना की। नवरात्र के चलते घरों का वातावरण भक्तिमय हो उठा है। सुबह पथवारी देवी मंदिर पर भीड़ बढ़ने से कुछ देर कपाट बंद रहे। जिसके बाद चंद भक्तों ने एक सतर्कता बरते हुए आराधना की। भगवती देवी मंदिर पर राजेश कुमार, दीपेश कुमार जायसवाल ने आरती उतारी। पथवारी देवी मंदिर पर फूलबंगला की झांकी सजाई गई, मैया की छवि के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु कतारबद्ध लगे थे।
वहीं भगवती मंदिर, रत्नागर सरोवर के किनारे गणगौर पूजा हुई। महिलाओं ने श्रद्धा पूर्वक गणगौर की पूजा-अर्चना की। गणगौर पूजन होली के दिन से प्रारंभ होने के साथ नवरात्र की तृतीया पर समाप्त होता है। महिलाएं इन छह दिनों में महादेव और माता पार्वती के स्वरूप गणगौर का पूजन करती हैं। इस दौरान एकत्रित महिलाओं ने मिलकर विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया।
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मां भगवती के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा माता की श्रद्धालुओं ने घरों में पूजा-अर्चना की। नवरात्र के चलते घरों का वातावरण भक्तिमय हो उठा है। सुबह पथवारी देवी मंदिर पर भीड़ बढ़ने से कुछ देर कपाट बंद रहे। जिसके बाद चंद भक्तों ने एक सतर्कता बरते हुए आराधना की। भगवती देवी मंदिर पर राजेश कुमार, दीपेश कुमार जायसवाल ने आरती उतारी। पथवारी देवी मंदिर पर फूलबंगला की झांकी सजाई गई, मैया की छवि के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु कतारबद्ध लगे थे।
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वहीं भगवती मंदिर, रत्नागर सरोवर के किनारे गणगौर पूजा हुई। महिलाओं ने श्रद्धा पूर्वक गणगौर की पूजा-अर्चना की। गणगौर पूजन होली के दिन से प्रारंभ होने के साथ नवरात्र की तृतीया पर समाप्त होता है। महिलाएं इन छह दिनों में महादेव और माता पार्वती के स्वरूप गणगौर का पूजन करती हैं। इस दौरान एकत्रित महिलाओं ने मिलकर विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया।
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