फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Mathura: Dam will become a support for illegal construction in Yamuna submergence area

मथुरा: यमुना डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण का सहारा बनेंगे बंध

Fri, 04 Jun 2021 07:22 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 07:22 PM IST
विज्ञापन
Mathura: Dam will become a support for illegal construction in Yamuna submergence area
वृंदावन खादर में यमुना के कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्य में कट्टो मे? - फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। यमुना के डूब क्षेत्र में अवैध रूप से बनी बहुमंजिला इमारतों को अब बाढ़ से बचने का सहारा मिलने जा रहा है। सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे बंध (स्टड) कालीदह घाट क्षेत्र में यमुना खादर में हो रहे अवैध निर्माण को जलप्लावन की स्थिति से बचाने में सहायक बनेंगे। इस पर करीब पौने चार करोड़ रुपये की लागत आ रही है।
विज्ञापन

श्रीराधाकृष्ण की लीला भूमि वृंदावन में यमुना का खादर यहां तक कि डूब क्षेत्र में घर बस चुके हैं। इस अवैध निर्माण को सरकार की विभिन्न नीतियां और कोर्ट के आदेश भी नहीं रोक सके हैं। स्थानीय अफसरों की सांठगांठ से यमुना का खादर आवासीय क्षेत्र में बदल दिया गया है। इन क्षेत्रों में बाढ़ के दौरान भगदड़ मचती है। कालीदह घाट क्षेत्र में सिंचाई विभाग यमुना की धारा पर बंध बना रहा है।
विज्ञापन

कालीदह घाट और यमुना के बीच करीब आधा किलोमीटर की इस दायरे में बने सैकड़ों अवैध निर्माण को भी इससे बाढ़ से बचाव का सहारा मिलने जा रहा है। सिंचाई निर्माण खंड के बंध यमुना के निरंतर हो रहे कटान को रोकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

खादर में बिछा दी सीवर
सरकारी मशीनरी यमुना के खादर और डूब क्षेत्र में अवैध रूप से तैयार हो रही कॉलोनियों को पूरी तरह सहयोग करते रहे हैं। विकास प्राधिकरण इस निर्माण पर उफ तक नहीं करता है। हालांकि अवैध निर्माण से जुटी टीमों को इसकी पूरी जानकारी रहती है। जल निगम ने तो यमुना के इस खादर क्षेत्र में सीवर बिछा दी है
कालीदह घाट को संभावित यमुना के कटान के खतरे से बचाने की परियोजना के तहत यह कार्य किया जा रहा है। इसका अवैध निर्माण या खादर में निर्माण से कोई लेना देना नहीं है।

-संजीव तिवारी, सहायक अभियंता, सिंचाई
एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कोई भी निर्माण न किया जाए। इसी कारण रिवर फ्रंट का काम रुकवाया दिया था। यमुना कटान रोकने के नाम पर यह निर्माण एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन है। खादर और डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण को सपोर्ट है।
- आकाश वार्ष्णेय, अधिवक्ता एनजीटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed