Mathura: 25 करोड़ रुपये का मुआवजा हड़पने के लिए पिता की हत्या करने वाले बेटे को नहीं मिली जमानत, अदालत ने खारिज की अपील
अशोक बिहार कॉलोनी में घर की छत पर सो रहे बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मृतक के बेटे को गिरफ्तार करने के बाद हत्याकांड का खुलासा किया था। आरोपी बेटा जेल में है।
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मथुरा जिला जज की प्रभारी अदालत एडीजे प्रथम ने पिता की हत्या के आरोप में जेल में बंद पुत्र की जमानत को खारिज कर दिया है। थाना सदर बाजार क्षेत्र में पिता का शव छत पर कुचला हुआ मिला था। पुलिस ने बेटे को हत्या के आरोप में जेल भेजा था। बेटा अपने पिता से पैसे की मांग करता था, नहीं देने पर हत्या की थी।
दूसरे बेटे ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
24 अप्रैल 2022 की रात को हुकुम चंद सैनी पुत्र नितिन के घर की छत पर सो रहे थे। सुबह उनका कुचला हुआ शव छत पर मिला। पुत्र नितिन ने थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने अपनी जांच में हुकुम चंद के पुत्र विनोद सैनी को हत्या के मामले में जेल भेजा। विनोद ने जमानत की अर्जी जिला जज राजीव भारती की अदालत में लगाई। जिला जज की अनुपस्थिति में इसकी सुनवाई प्रभारी अदालत एडीजे प्रथम राम प्रकाश पांडे की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने हुकुम चंद्र सैनी की जमानत खारिज कर दी। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि पिता की हत्या में जेल में बंद विनोद सैनी की जमानत को न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
ये है मामला
24 अप्रैल रात को थाना सदर बाजार की अशोक बिहार कॉलोनी में घर की छत पर सो रहे हुकुम चंद सैनी (80) की सब्बल प्रहार करके बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने हत्या के खुलासे के लिए पांच टीमों को लगाया था। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि बेटे विनोद सैनी ने ही पिता की हत्या की थी। मृतक हुकुम चंद सैनी को 2015 में गोकुल बैराज डूब क्षेत्र में खेत आने के कारण करीब 3 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था।
मुआवजे के रूप में मिलने वाले थे 25 करोड़ रुपये
इनमें से 2.5 करोड़ रुपये उन्होंने छोटे भाई गुलाब चंद सैनी के साथ कोल्ड स्टोरेज की पार्टनरशिप में लगा दिया था और 10 लाख रुपये अनिल सैनी, उनके बेटों में 2-2, 3-3 लाख रुपये बांट दिए थे। मृतक पुत्रों के साथ कोल्ड स्टोरेज की हिस्सेदारी के अलावा हिसाब-किताब को नहीं बताते थे। हुकुम चंद को फिर से मुआवजे के रूप में 25 करोड़ मिलने वाले थे। इसी को लेकर मृतक के पुत्र विनोद सैनी के मन में फिर से आया कि मुआवजे की राशि पिता फिर से कहीं अपने भाइयों में न बांट दें। यही सोचकर उसने अपने पिता की हत्या कर दी।