फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   mathura court heard the both sides over Sri krishna janmabhoomi case

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला: कोर्ट में शाही ईदगाह पक्ष ने जमीन पर दावे की अपील को बताया गलत

Fri, 08 Jan 2021 12:10 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 08 Jan 2021 12:10 AM IST
सार

  • 'श्रीकृष्ण विराजमान' के दावे की अपील पर अदालत ने दोनों पक्षों को सुना
  • शाही ईदगाह पक्ष ने जमीन पर दावे की अपील को बताया गलत, खारिज करने की अपील

विज्ञापन
mathura court heard the both sides over Sri krishna janmabhoomi case
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर और पास में शाही ईदगाह मस्जिद, मथुरा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा के जिला जज की अदालत में शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में दाखिल दावे की अपील को गलत बताया। उन्होंने अदालत में इसे प्रकीर्ण वाद की अपील बताते हुए खारिज करने की अपील की। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले पर गुरुवार को मुस्लिम पक्ष को भी सुना गया। इस संबंध में अदालत सोमवार (11 जनवरी) को निर्णय देगी। बता दें कि श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से कटरा केशवदेव क्षेत्र की 13.37 एकड़ जमीन पर दावा किया गया है।

विज्ञापन


श्रीकृष्ण जन्मस्थान के खेवट कटरा केशवदेव की 13.37 एकड़ जमीन पर श्रीकृष्ण विराजमान और रंजना अग्निहोत्री एवं अन्य की ओर से दावा किया गया है। दावे में जमीन पर अपना अधिकार बताया गया है। इसे लेकर रंजना अग्निहोत्री आदि ने कहा है कि 1967 में हुए सिविल मुकदमा और उससे संबंधित डिक्री (न्यायिक निर्णय) को रद्द किया जाए। 
विज्ञापन

श्रीकृष्ण जन्मभूमि: तीन बार टूटा और चार बार बनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर, यह है इतिहास
विज्ञापन
विज्ञापन

इसे लेकर वादी ने शुरुआत में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा किया था। उनकी अनुपस्थिति में सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। इस केस को प्रकीर्ण वाद में दर्ज किया गया और केस पर प्रकीर्ण वाद का ही नंबर डाला गया। इस वाद को बाद में जिला जज की अदालत में सुना गया। 

शाही ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद एडवोकेट ने अपना पक्ष

गुरुवार को जिला जज यशकांत मिश्रा की अदालत में प्रतिपक्ष के रूप में शाही ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद एडवोकेट ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि प्रकीर्ण वाद होने के कारण अपील मेंटेनेबिल (अनुरक्षणीय) नहीं है। इस प्रार्थनापत्र पर अदालत ने शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव और उनके साथ मौजूद अधिवक्ताओं को सुना। 

अदालत में मौजूद वादी के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने इसका पुरजोर विरोध किया। वादी रंजना अग्निहोत्री के साथ उनके पक्ष से पंकज शर्मा, करुणेष कुमार, राजेश मणि शुक्ला मौजूद रहे। वहीं शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव तनवीर अहमद के साथ नीरज शर्मा एडवोकेट, सौरभ श्रीवास्तव, अबरार अहमद इकरार हुसैन औरप्रतिपक्ष सुन्नी सेंटल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता शैलेश दुबे मौजूद रहे।

डीजीसी (सरकारी वकील) शिवराम तरकर ने बताया कि अदालत ने मुस्लिम पक्ष के द्वारा श्री कृष्ण विराजमान द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए अदालत ने 11 जनवरी की तिथि तय की है। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि अदालत ने मुस्लिम पक्ष के द्वारा श्री कृष्ण विराजमान द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए अदालत ने 11 जनवरी की तिथि तय की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed