श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला: कोर्ट में शाही ईदगाह पक्ष ने जमीन पर दावे की अपील को बताया गलत
- 'श्रीकृष्ण विराजमान' के दावे की अपील पर अदालत ने दोनों पक्षों को सुना
- शाही ईदगाह पक्ष ने जमीन पर दावे की अपील को बताया गलत, खारिज करने की अपील
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मथुरा के जिला जज की अदालत में शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में दाखिल दावे की अपील को गलत बताया। उन्होंने अदालत में इसे प्रकीर्ण वाद की अपील बताते हुए खारिज करने की अपील की। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले पर गुरुवार को मुस्लिम पक्ष को भी सुना गया। इस संबंध में अदालत सोमवार (11 जनवरी) को निर्णय देगी। बता दें कि श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से कटरा केशवदेव क्षेत्र की 13.37 एकड़ जमीन पर दावा किया गया है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के खेवट कटरा केशवदेव की 13.37 एकड़ जमीन पर श्रीकृष्ण विराजमान और रंजना अग्निहोत्री एवं अन्य की ओर से दावा किया गया है। दावे में जमीन पर अपना अधिकार बताया गया है। इसे लेकर रंजना अग्निहोत्री आदि ने कहा है कि 1967 में हुए सिविल मुकदमा और उससे संबंधित डिक्री (न्यायिक निर्णय) को रद्द किया जाए।
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इसे लेकर वादी ने शुरुआत में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा किया था। उनकी अनुपस्थिति में सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। इस केस को प्रकीर्ण वाद में दर्ज किया गया और केस पर प्रकीर्ण वाद का ही नंबर डाला गया। इस वाद को बाद में जिला जज की अदालत में सुना गया।
शाही ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद एडवोकेट ने अपना पक्ष
गुरुवार को जिला जज यशकांत मिश्रा की अदालत में प्रतिपक्ष के रूप में शाही ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद एडवोकेट ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि प्रकीर्ण वाद होने के कारण अपील मेंटेनेबिल (अनुरक्षणीय) नहीं है। इस प्रार्थनापत्र पर अदालत ने शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव और उनके साथ मौजूद अधिवक्ताओं को सुना।
अदालत में मौजूद वादी के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने इसका पुरजोर विरोध किया। वादी रंजना अग्निहोत्री के साथ उनके पक्ष से पंकज शर्मा, करुणेष कुमार, राजेश मणि शुक्ला मौजूद रहे। वहीं शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव तनवीर अहमद के साथ नीरज शर्मा एडवोकेट, सौरभ श्रीवास्तव, अबरार अहमद इकरार हुसैन औरप्रतिपक्ष सुन्नी सेंटल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता शैलेश दुबे मौजूद रहे।
डीजीसी (सरकारी वकील) शिवराम तरकर ने बताया कि अदालत ने मुस्लिम पक्ष के द्वारा श्री कृष्ण विराजमान द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए अदालत ने 11 जनवरी की तिथि तय की है। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि अदालत ने मुस्लिम पक्ष के द्वारा श्री कृष्ण विराजमान द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए अदालत ने 11 जनवरी की तिथि तय की है।