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मथुरा: ठाकुर राधारमण का 479वां प्राकट्योत्सव मनाया
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वृंदावन (मथुरा)। श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा प्रकटित ठाकुर राधारमण लाल जू का 479वां प्राकट्योत्सव बुधवार को विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर में विविध आयोजन किए गए। आम जनता के लिए दर्शन बंद होने पर ऑनलाइन दर्शन कराए गए।
वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को श्री शालिग्राम शिला से स्वयं प्रकटित हुए ठाकुर राधारमण लाल जू के प्राकट्योत्सव पर परंपरानुसार सेवायत गोस्वामी जन द्वारा ठाकुरजी के श्री विग्रह का वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य दुग्ध, दही, मधु, घृत, शहद, विभिन्न पवित्र नदियों के जल, जड़ी बूटियों से महाभिषेक किया गया। लगभग दो घंटे तक महाभिषेक के उपरांत ठाकुरजी को नवीन वस्त्र धारण करके विशेष शृंगार किया।
मंदिर परिसर को पीत वर्ण के कपड़ों से विशेष रूप से सजाया गया। इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के पट बंद रखे गए। यहां तक कि केवल सेवायत गोस्वामी परिवार के अलावा अन्य किसी गोस्वामी को भी मंदिर प्रवेश की अनुमति प्रदान नहीं की गई।
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मंदिर सेवायत वैष्णवाचार्य सुमित गोस्वामी ने भगवान के प्राकट्योत्सव की जानकारी दी। बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर ठाकुर राधारमण लाल जू का प्राकट्योत्सव परंपरागत रूप से मनाया जाता है।
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वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को श्री शालिग्राम शिला से स्वयं प्रकटित हुए ठाकुर राधारमण लाल जू के प्राकट्योत्सव पर परंपरानुसार सेवायत गोस्वामी जन द्वारा ठाकुरजी के श्री विग्रह का वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य दुग्ध, दही, मधु, घृत, शहद, विभिन्न पवित्र नदियों के जल, जड़ी बूटियों से महाभिषेक किया गया। लगभग दो घंटे तक महाभिषेक के उपरांत ठाकुरजी को नवीन वस्त्र धारण करके विशेष शृंगार किया।
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मंदिर परिसर को पीत वर्ण के कपड़ों से विशेष रूप से सजाया गया। इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के पट बंद रखे गए। यहां तक कि केवल सेवायत गोस्वामी परिवार के अलावा अन्य किसी गोस्वामी को भी मंदिर प्रवेश की अनुमति प्रदान नहीं की गई।
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मंदिर सेवायत वैष्णवाचार्य सुमित गोस्वामी ने भगवान के प्राकट्योत्सव की जानकारी दी। बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर ठाकुर राधारमण लाल जू का प्राकट्योत्सव परंपरागत रूप से मनाया जाता है।