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Agra: एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भीड़ का रिकॉर्ड, तीन घंटे का इंतजार; फिर मिला उपचार
Tue, 02 Jun 2026 10:25 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 02 Jun 2026 10:25 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को भारी भीड़ के कारण मरीजों को पर्चा बनवाने में दो से तीन घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। इससे बुजुर्ग और बीमार मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और अस्पताल व्यवस्था पर सवाल उठे।
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एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की लगी भीड़। अमर उजाला
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रही। छह घंटे तक हॉल ठसाठस भरा रहा। कई लोगों का पर्चा तीन घंटे लाइन में लगने पर बन पाया। धक्का-मुक्की भी झेलनी पड़ी। इससे बुजुर्ग और महिला मरीजों को बड़ी दिक्कत हुई।
सोमवार को ओपीडी में 3,030 मरीज इलाज कराने पहुंचे। सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक हॉल ठसाठस भरा रहा। गेट के बाहर तक लाइन लग गई। पर्चा के लिए आधार कार्ड दिखाने और आभा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही पर्चा बन पा रहा है। इससे अतिरिक्त समय लग रहा है। औसतन दो-तीन घंटे लाइन में लगने के बाद ही पर्चा बन पाया। कई तो थककर बैठ गए।
कुछ ने अपने परिजन को लाइन में लगवाकर पर्चा बनवाया। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने और फिर दवा लेने में भी लगभग इतना ही समय लगा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि सोमवार को अन्य दिनों के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक मरीज आते हैं। काउंटर भी बढ़ाए हैं और मौके पर मरीजों के ऑनलाइन पर्चा भी बनवाए जा रहे हैं।
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बुखार, जुकाम-खांसी के ज्यादा मरीज
मौसम में बदलाव के कारण जुकाम-खांसी, गले में खराश और बुखार के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा रही। जोड़ों-मांसपेशियों और गर्दन-कमर के दर्द भी बढ़ गए हैं। त्वचा रोग विभाग में भी खुजली, जलन, चकत्ते और सन बर्न के मरीज आ रहे हैं। दवा देने के साथ चिकित्सक बचाव के बारे में भी बता रहे हैं।
ये बोले मरीज- पैरों में दर्द होने लगा
मलपुरा के फूल सिंह ने बताया कि हृदय रोग की समस्या के चलते वह इलाज कराने आए थे, लेकिन पर्चा बनवाने के लिए उन्हें करीब तीन घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ा, जिससे उनके पैरों में तेज दर्द शुरू हो गया।
मां को बैठाकर लाइन में लगी
बोदला निवासी कुसुमा ने बताया कि वह अपनी सांस की समस्या से जूझ रही मां को लेकर मैनपुरी से आई थीं। लाइन में लंबा इंतजार करना उनके लिए मुश्किल हो गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी मां को बैठाकर खुद लाइन में लगकर पर्चा बनवाया।
तीन घंटे में बन पाया पर्चा
यमुना ब्रिज के मोनू कुमार ने कहा कि वह कान की परेशानी के इलाज के लिए सुबह 11 बजे से कतार में खड़े थे और करीब तीन घंटे बाद जाकर उनका पर्चा बन पाया। उनका कहना था कि पर्चा बनवाने में ही इतना समय लग गया, ऐसे में डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में और भी समय लगेगा।
लाइन में खड़े रहने से हुई दिक्कत
एटा के अमरपाल ने भी ओपीडी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह सुबह से लाइन में लगे थे और ढाई से तीन घंटे तक खड़े रहने के कारण उनकी हालत बिगड़ने लगी। उन्होंने कहा कि काउंटरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि मरीजों को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
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सोमवार को ओपीडी में 3,030 मरीज इलाज कराने पहुंचे। सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक हॉल ठसाठस भरा रहा। गेट के बाहर तक लाइन लग गई। पर्चा के लिए आधार कार्ड दिखाने और आभा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही पर्चा बन पा रहा है। इससे अतिरिक्त समय लग रहा है। औसतन दो-तीन घंटे लाइन में लगने के बाद ही पर्चा बन पाया। कई तो थककर बैठ गए।
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कुछ ने अपने परिजन को लाइन में लगवाकर पर्चा बनवाया। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने और फिर दवा लेने में भी लगभग इतना ही समय लगा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि सोमवार को अन्य दिनों के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक मरीज आते हैं। काउंटर भी बढ़ाए हैं और मौके पर मरीजों के ऑनलाइन पर्चा भी बनवाए जा रहे हैं।
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बुखार, जुकाम-खांसी के ज्यादा मरीज
मौसम में बदलाव के कारण जुकाम-खांसी, गले में खराश और बुखार के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा रही। जोड़ों-मांसपेशियों और गर्दन-कमर के दर्द भी बढ़ गए हैं। त्वचा रोग विभाग में भी खुजली, जलन, चकत्ते और सन बर्न के मरीज आ रहे हैं। दवा देने के साथ चिकित्सक बचाव के बारे में भी बता रहे हैं।
ये बोले मरीज- पैरों में दर्द होने लगा
मलपुरा के फूल सिंह ने बताया कि हृदय रोग की समस्या के चलते वह इलाज कराने आए थे, लेकिन पर्चा बनवाने के लिए उन्हें करीब तीन घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ा, जिससे उनके पैरों में तेज दर्द शुरू हो गया।
मां को बैठाकर लाइन में लगी
बोदला निवासी कुसुमा ने बताया कि वह अपनी सांस की समस्या से जूझ रही मां को लेकर मैनपुरी से आई थीं। लाइन में लंबा इंतजार करना उनके लिए मुश्किल हो गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी मां को बैठाकर खुद लाइन में लगकर पर्चा बनवाया।
तीन घंटे में बन पाया पर्चा
यमुना ब्रिज के मोनू कुमार ने कहा कि वह कान की परेशानी के इलाज के लिए सुबह 11 बजे से कतार में खड़े थे और करीब तीन घंटे बाद जाकर उनका पर्चा बन पाया। उनका कहना था कि पर्चा बनवाने में ही इतना समय लग गया, ऐसे में डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में और भी समय लगेगा।
लाइन में खड़े रहने से हुई दिक्कत
एटा के अमरपाल ने भी ओपीडी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह सुबह से लाइन में लगे थे और ढाई से तीन घंटे तक खड़े रहने के कारण उनकी हालत बिगड़ने लगी। उन्होंने कहा कि काउंटरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि मरीजों को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।