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UP: आगरा में बड़ी घटना...सत्तोलाला फूड कोर्ट में लगी भीषण आग, जान बचाकर भागे लोग; धमाके से फैली दहशत
Sun, 25 Jan 2026 08:45 PM IST
अरुन पाराशर
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 25 Jan 2026 08:45 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में रविवार को बड़ी घटना हुई। एक फूड कोर्ट में भीषण आग लग गई। लपटों को देख लोगों में दहशत फैल गई। सूचना पर दमकल की कई गाड़ियां माैके पर पहुंच गईं।
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सत्ता लाला फूड कोर्ट में लगी आग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र के कोठी मीना बाजार स्थित सत्तो लाला फूड कोर्ट में रविवार रात भीषण आग लगी। गर्म तेल की कड़ाही में भटूरे डालने पर उठी लपटों ने पूरे रेस्तरां को चपेट में ले लिया। मौजूद 15 ग्राहक और 25 से अधिक कारीगर जान बचाकर बाहर भागे। पहली मंजिल पर रह रहे संचालक के परिवार को दमकलकर्मियों ने बाहर निकाला। एक घंटे में आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक रेस्तरां के ज्यादातर सामान जल चुके थे।
कोठी मीना बाजार के सामने दिलीप खंडेलवाल का सत्तो लाला फूड कोर्ट के नाम से रेस्तरां है। गेट के आगे ही टिनशेड के नीचे हलवाई टिकिया, भल्ले, भटूरे सहित अन्य खाने का सामान बनाते हैं। वहीं अंदर काउंटर और लोगों के बैठने के लिए कुर्सी-मेज लगी थीं। पहली मंजिल पर संचालक का परिवार रहता है।
रविवार रात करीब 7:45 बजे कारीगर सोनू ने भटूरे तलने के लिए कढ़ाई में तेल को गरम किया। एक भटूरे को तलने के लिए डालते ही लपटें उठ गईं। यह ऊपर लगी चिमनी तक पहुंच गईं। चिमनी काफी दिन से साफ नहीं हुई थी। उसने आग पकड़ ली। कारीगर कुछ कर पाते, तब तक आग टिन शेड तक फैल गई। यह देखकर काउंटर पर बैठे दिलीप खंडेलवाल दाैड़े।
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उस समय 15 से अधिक ग्राहक खाना खा रहे थे। कुछ खरीदारी में लगे थे। वहीं 25 कारीगर और अन्य कर्मचारी माैजूद थे। लपटों को देखकर सभी बाहर की तरफ भाग आए। कर्मचारियों के साथ मिलकर संचालक ने आग को बुझाने का प्रयास किया। मगर आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। वह रेस्तरां के अंदर तक पहुंची और घर के कमरों तक लपटें उठने लगीं।
दिलीप खंडेलवाल ने बताया कि घर में उनके माता-पिता और एक बच्चा ही थे। धुएं और लपटें आने पर वह घर के पीछे वाले हिस्से में चले गए। 10 मिनट बाद पांच दमकल पहुंच गईं। कर्मचारियों ने सबसे पहले घर में फंसे परिजन को निकाला। इसके बाद आग बुझाने के प्रयास शुरु कर दिए। दो पाइप से पानी डालने के बाद एक घंटे में आग पर काबू किया जा सका। आग से रेस्तरां का फर्नीचर सहित अन्य सामान जल गया। 50 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है।
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कोठी मीना बाजार के सामने दिलीप खंडेलवाल का सत्तो लाला फूड कोर्ट के नाम से रेस्तरां है। गेट के आगे ही टिनशेड के नीचे हलवाई टिकिया, भल्ले, भटूरे सहित अन्य खाने का सामान बनाते हैं। वहीं अंदर काउंटर और लोगों के बैठने के लिए कुर्सी-मेज लगी थीं। पहली मंजिल पर संचालक का परिवार रहता है।
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रविवार रात करीब 7:45 बजे कारीगर सोनू ने भटूरे तलने के लिए कढ़ाई में तेल को गरम किया। एक भटूरे को तलने के लिए डालते ही लपटें उठ गईं। यह ऊपर लगी चिमनी तक पहुंच गईं। चिमनी काफी दिन से साफ नहीं हुई थी। उसने आग पकड़ ली। कारीगर कुछ कर पाते, तब तक आग टिन शेड तक फैल गई। यह देखकर काउंटर पर बैठे दिलीप खंडेलवाल दाैड़े।
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उस समय 15 से अधिक ग्राहक खाना खा रहे थे। कुछ खरीदारी में लगे थे। वहीं 25 कारीगर और अन्य कर्मचारी माैजूद थे। लपटों को देखकर सभी बाहर की तरफ भाग आए। कर्मचारियों के साथ मिलकर संचालक ने आग को बुझाने का प्रयास किया। मगर आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। वह रेस्तरां के अंदर तक पहुंची और घर के कमरों तक लपटें उठने लगीं।
दिलीप खंडेलवाल ने बताया कि घर में उनके माता-पिता और एक बच्चा ही थे। धुएं और लपटें आने पर वह घर के पीछे वाले हिस्से में चले गए। 10 मिनट बाद पांच दमकल पहुंच गईं। कर्मचारियों ने सबसे पहले घर में फंसे परिजन को निकाला। इसके बाद आग बुझाने के प्रयास शुरु कर दिए। दो पाइप से पानी डालने के बाद एक घंटे में आग पर काबू किया जा सका। आग से रेस्तरां का फर्नीचर सहित अन्य सामान जल गया। 50 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है।
एटीएम तक पहुंची लपटें, एसी के आउटर जले
रेस्तरां के बगल में ही एचडीएफसी बैंक की शाखा और एटीएम है। आग की लपटें एटीएम तक पहुंच गईं। इससे एटीएम केबिन का शीशा जल गया। वहीं बाहर रखे एसी के आउटर भी जल गए। बैंक बंद हो चुकी थी। मगर, उसमें धुआं भर गया। बाद में बिल्डिंग के मालिक उदितांशु आ गए। उन्होंने बैंक मैनेजर को जानकारी दी। इस पर बैंक को खोलकर धुआं निकाला जा सका। उनका कहना था कि बैंक में आग पहुंच जाती तो बड़ा नुकसान हो जाता
रेस्तरां में थे नौ सिलिंडर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस समय रेस्तरां में आग लगी, उस समय करीब 9 गैस सिलिंडर रखे हुए थे। कर्मचारियों ने आग के बीच सिलिंडरों को निकालना शुरू किया। मगर कुछ अंदर ही रह गए। लपटों की वजह से अंदर नहीं जा पा रहे थे। बाद में दमकलकर्मियों ने सिलिंडर बाहर निकाले। उधर, आग देखकर रास्ते से निकल रहे लोगों के वाहन थम गए। शाहगंज पुलिस ने रास्ता रोक दिया। बाद में वाहनों को निकाला जा सका।
धमाके के साथ टूटे शीशे
रेस्तरां का काउंटर और दरवाजे पर शीशे लगे हुए थे। आग लगने पर शीशा तेज धमाके के साथ फटने लगा। आवाज सुनकर लोग दहशत में आ गए। संचालक का कहना था कि अमूमन रात के समय रेस्तरां में ग्राहकों की संख्या अधिक रहती है। मगर हादसे के समय संख्या कम थी। इस वजह से कुछ ही देर में लोग बाहर आ गए। कोई अंदर नहीं फंस सका। पुलिस और दमकलकर्मियों ने तत्परता से समय रहते आग पर काबू कर लिया।
रेस्तरां के बगल में ही एचडीएफसी बैंक की शाखा और एटीएम है। आग की लपटें एटीएम तक पहुंच गईं। इससे एटीएम केबिन का शीशा जल गया। वहीं बाहर रखे एसी के आउटर भी जल गए। बैंक बंद हो चुकी थी। मगर, उसमें धुआं भर गया। बाद में बिल्डिंग के मालिक उदितांशु आ गए। उन्होंने बैंक मैनेजर को जानकारी दी। इस पर बैंक को खोलकर धुआं निकाला जा सका। उनका कहना था कि बैंक में आग पहुंच जाती तो बड़ा नुकसान हो जाता
रेस्तरां में थे नौ सिलिंडर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस समय रेस्तरां में आग लगी, उस समय करीब 9 गैस सिलिंडर रखे हुए थे। कर्मचारियों ने आग के बीच सिलिंडरों को निकालना शुरू किया। मगर कुछ अंदर ही रह गए। लपटों की वजह से अंदर नहीं जा पा रहे थे। बाद में दमकलकर्मियों ने सिलिंडर बाहर निकाले। उधर, आग देखकर रास्ते से निकल रहे लोगों के वाहन थम गए। शाहगंज पुलिस ने रास्ता रोक दिया। बाद में वाहनों को निकाला जा सका।
धमाके के साथ टूटे शीशे
रेस्तरां का काउंटर और दरवाजे पर शीशे लगे हुए थे। आग लगने पर शीशा तेज धमाके के साथ फटने लगा। आवाज सुनकर लोग दहशत में आ गए। संचालक का कहना था कि अमूमन रात के समय रेस्तरां में ग्राहकों की संख्या अधिक रहती है। मगर हादसे के समय संख्या कम थी। इस वजह से कुछ ही देर में लोग बाहर आ गए। कोई अंदर नहीं फंस सका। पुलिस और दमकलकर्मियों ने तत्परता से समय रहते आग पर काबू कर लिया।