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शहीद सतीश बघेल के पिता को सिर्फ 16 माह ही मिली पेंशन

Sat, 24 Jul 2021 11:59 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 11:59 PM IST
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Martyr Satish Baghel's father got pension only for 16 months
रफ़रोजाबाद ! कारगिल युद्ध में शहीद सतीश बघेल के पिता भोजराज बघेल सतीश की फोटो के साथ - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद/फरिहा। कारगिल युद्ध के दौरान बेेटे सतीश बघेल को खोने वाले भोेजराज बघेल कहते हैं कि उनको 16 माह ही पेंशन मिली थी। इसके बाद पेंशन मिलना बंद हो गई जबकि बीस बीघा भूमि तो मिली लेकिन सात हिस्सों में होने के कारण उसमें फसल तक सही ढंग से नहीं उगा पाते है। अफसरों के पास कई बार एक ही स्थान पर भूमि दिए जाने की गुहार लगाई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। वह गांव में रहकर जीवन गुजारने को मजबूर है।
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फरिहा के गांव मरसलगंज निवासी सतीश बघेल कारगिल युद्ध के दौरान 18 जुलाई को सेना के जवानों की रसद सामग्री ले जाने के दौरान शहीद हो गए थे। शहीद बेटा सतीश बघेल का पार्थिव शरीर उसके गांव आया तो आसपास के ग्रामीणों के साथ ही जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे। भोजराज बघेल की मानें तो इस दौरान माता-पिता को पेंशन देने के साथ ही पेट्रोल पंप एवं भूमि दिए जाने तक का वायदा किया था लेकिन बाद में पेट्रोल पंप नहीं मिला बल्कि सिर्फ 20 बीघा भूमि दी गई। भोजराज का कहना है कि बीस बीघा जमीन भी सात टुकड़ों में मिली। एक स्थान पर जरूर सात से आठ बीघा के करीब हैं बाकी जगह पर तो सही ढंग से जुताई तक नहीं करा सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह जमीन को एक स्थान पर दिला दें तो बेहतर होता। भोजराज कहते हैं कि पेंशन भी मुझे 16 माह तक ही मिली थी। पेंशन बंद होने के बाद उसे चालू कराने को काफी भागदौड़ की लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। छोटे बेटा बबलू बघेल के साथ ही खुद ही मेहनत मजदूरी करके खुद की जीविका चला रहे हैं। जबकि पुत्रवधू मीना देवी बघेल, पौत्री पूजा के साथ आगरा में रहती है।
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शहीद नायक हेम सिंह के नाम से नहीं बनाया गेट...
फिरोजाबाद/एका। कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए एका के खेड़ा निवासी नायक हेम सिंह यादव के भाई सुघर सिंह बताते हैं कि भाई का पार्थिव शरीर जिस समय तिरंगा झंडे में लिपटकर गांव आया था। उस समय की गई घोषणा मात-पिता को पेंशन, पेट्रोल पंप के साथ जमीन तो मिली लेकिन भाई के नाम से गांव को बाहर गेट बनाए जाने की मांग को अभी तक पूरा नहीं किया। जबकि शासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए जो वायदा किया था उसे पूरा करना चाहिए।
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