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सेटेलाइट पकड़ रही संरक्षित स्मारकों के पास अवैध निर्माण, तैयार हुआ डिजिटल रिकॉर्ड
Thu, 20 Jun 2019 11:57 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 20 Jun 2019 11:57 AM IST
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एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों के पास सेटेलाइट से की जा रही अवैध निर्माण की मैपिंग
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) संरक्षित स्मारक और पुरातत्व स्थलों के पास अवैध निर्माण की मैपिंग सेटेलाइट से की गई है। एएसआई ने अवैध निर्माण और स्मारक के पास हुए बदलाव पर नजर रखने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद से मैपिंग की है, जिससे मरम्मत के नाम पर अवैध निर्माण करने वालों का झूठ सेटेलाइट रिपोर्ट से पकड़ा जा रहा है। यह मैपिंग ध्वस्तीकरण आदेशों में मददगार साबित हो रही है।
सेटेलाइट भुवन की मदद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने संरक्षित स्मारकों के 100 मीटर और 300 मीटर के अंदर अवैध निर्माण का डिजिटल रिकार्ड बनाया है।
हर स्मारक के पास हुए अवैध निर्माण में अब तक कोई कार्रवाई करने पर निर्माणकर्ता इसे सालों पुराना और मरम्मत की कहकर बच निकलते थे, लेकिन सेटेलाइट की मदद से स्मारकों के 100 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र में हर निर्माण का पूरा ब्योरा एएसआई के पास पहुंच रहा है।
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सेटेलाइट भुवन की मदद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने संरक्षित स्मारकों के 100 मीटर और 300 मीटर के अंदर अवैध निर्माण का डिजिटल रिकार्ड बनाया है।
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हर स्मारक के पास हुए अवैध निर्माण में अब तक कोई कार्रवाई करने पर निर्माणकर्ता इसे सालों पुराना और मरम्मत की कहकर बच निकलते थे, लेकिन सेटेलाइट की मदद से स्मारकों के 100 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र में हर निर्माण का पूरा ब्योरा एएसआई के पास पहुंच रहा है।
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सिकंदरा संरक्षित स्मारक के पास बना अवैध निर्माण जो सेटेलाइट मैपिंग से पकड़ में आया
- फोटो : अमर उजाला
मैपिंग में स्मारकों का हिस्सा लाल रंग से, 100 मीटर का हिस्सा पीले रंग से और उसके बाद विनियमित क्षेत्र को हरे रंग की लाइन से तैयार किया गया है।
एएसआई आगरा सर्किल में स्मारकों के पास प्रतिबंधित दायरे में 2470 एफआईआर हो चुकी हैं।
इनमें से नोटिस और जांच के बाद 270 इमारतों को अवैध करार देते हुए एएसआई महानिदेशक ने ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इसरो की मदद से ऐसे 270 और एफआईआर वाले 2470 अवैध निर्माणों की रिपोर्ट में सेटेलाइट रिकार्ड मददगार साबित हो रहा है।
सिकंदरा के सामने मार्केट का पकड़ा गया मामला
अकबर के मकबरे, सिकंदरा के सामने पूर्व में बने पेट्रोल पंप की जमीन पर अवैध रूप से बनाए जा रहे मार्केट पर एएसआई ने दो बार थाना सिकंदरा में एफआईआर दर्ज कराई थी।
एएसआई आगरा सर्किल में स्मारकों के पास प्रतिबंधित दायरे में 2470 एफआईआर हो चुकी हैं।
इनमें से नोटिस और जांच के बाद 270 इमारतों को अवैध करार देते हुए एएसआई महानिदेशक ने ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इसरो की मदद से ऐसे 270 और एफआईआर वाले 2470 अवैध निर्माणों की रिपोर्ट में सेटेलाइट रिकार्ड मददगार साबित हो रहा है।
सिकंदरा के सामने मार्केट का पकड़ा गया मामला
अकबर के मकबरे, सिकंदरा के सामने पूर्व में बने पेट्रोल पंप की जमीन पर अवैध रूप से बनाए जा रहे मार्केट पर एएसआई ने दो बार थाना सिकंदरा में एफआईआर दर्ज कराई थी।
संरक्षित स्मारक सिकंदरा के सामने मुरारी लाल अग्रवाल, मुकेश वर्मा, मनोज गिरी और पंकज जैन के खिलाफ एफआईआर के बाद ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। सबसे पहले इस मामले में ही एएसआई ने सेटेलाइट रिकार्ड जांचा तो सच्चाई सामने आ गई।
यहां ध्वस्तीकरण आदेश के बाद बिल्डर ने दुकानों पर रंगरोगन कर फल विक्रेताओं को बैठा दिया, जिससे यह दुकानें कई साल पुरानी लगें। इसी अवैध निर्माण की तरह ताज के पास ताजगंज में और जामा मस्जिद के पास कांप्लेक्स के मामले को पकड़ा गया।
वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद का कहना है कि इसरो के सेटेलाइट की मदद से डिजिटल रिकार्ड बना लिया गया है। अब कोई भी अवैध निर्माण छिप नहीं सकता और टाइम लाइन से पकड़ा जा रहा है। अवैध निर्माण तोड़ने के लिए हम प्राधिकरण और मंडलायुक्त के संपर्क में हैं।
यहां ध्वस्तीकरण आदेश के बाद बिल्डर ने दुकानों पर रंगरोगन कर फल विक्रेताओं को बैठा दिया, जिससे यह दुकानें कई साल पुरानी लगें। इसी अवैध निर्माण की तरह ताज के पास ताजगंज में और जामा मस्जिद के पास कांप्लेक्स के मामले को पकड़ा गया।
वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद का कहना है कि इसरो के सेटेलाइट की मदद से डिजिटल रिकार्ड बना लिया गया है। अब कोई भी अवैध निर्माण छिप नहीं सकता और टाइम लाइन से पकड़ा जा रहा है। अवैध निर्माण तोड़ने के लिए हम प्राधिकरण और मंडलायुक्त के संपर्क में हैं।